मुरुगप्पा ग्रुप: दक्षिण भारत का सबसे ताकतवर बिजनेस घराना
100 साल से ज्यादा पुराने चेन्नई के इस कारोबारी समूह की संपत्ति करीब 2.92 लाख करोड़ रुपये आंकी गई है।

दक्षिण भारत में कई बड़े बिजनेस घराने मौजूद हैं, लेकिन लंबे इतिहास, कारोबार के फैलाव और कई क्षेत्रों में मजबूत मौजूदगी के कारण चेन्नई का मुरुगप्पा ग्रुप इस क्षेत्र का सबसे प्रभावशाली कारोबारी समूह माना जाता है। इस समूह की शुरुआत साल 1900 में हुई थी और तब से लेकर अब तक परिवार ने अपने कारोबार को कई अलग-अलग क्षेत्रों में फैलाया है।
मुरुगप्पा ग्रुप का कारोबार कृषि, उर्वरक, ऑटो कंपोनेंट्स, इंजीनियरिंग और वित्तीय सेवाओं समेत कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। समूह की प्रमुख कंपनियों में कोरोमंडल इंटरनेशनल, ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ इंडिया और चोलामंडलम इन्वेस्टमेंट एंड फाइनेंस शामिल हैं। फोर्ब्स के अनुसार समूह के तहत कुल 29 कारोबार चलते हैं, और इसकी शुरुआत मनी लेंडिंग व्यवसाय से हुई थी।
धन के मामले में मुरुगप्पा परिवार हुरुन इंडिया की मोस्ट वैल्यूएबल फैमिली बिजनेस लिस्ट में भी शामिल रहा है। 2025 बार्कलेज प्राइवेट क्लाइंट्स हुरुन इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, मुरुगप्पा परिवार की कुल संपत्ति करीब 2.92 लाख करोड़ रुपये आंकी गई थी, जिससे यह परिवार देश के शीर्ष पारिवारिक कारोबारी समूहों में शामिल हो गया था।
बता दें कि 2026 की बार्कलेज प्राइवेट क्लाइंट्स हुरुन इंडिया मोस्ट वैल्यूएबल फैमिली बिजनेस लिस्ट के अनुसार, भारत के शीर्ष 300 पारिवारिक कारोबारी समूहों की कुल संपत्ति करीब 138 लाख करोड़ रुपये है। इस सूची में अंबानी परिवार सबसे ऊपर है, जबकि अदाणी परिवार पहली पीढ़ी के कारोबारी परिवारों में नंबर एक पर है।
मुरुगप्पा ग्रुप की खासियत इसका 100 साल से ज्यादा पुराना इतिहास और अलग-अलग सेक्टरों में मौजूदगी है। समूह का कारोबार भारत के साथ-साथ कई अन्य देशों के बाजारों तक भी फैला हुआ है, जिसके चलते इसे दक्षिण भारत के सबसे प्रमुख और असरदार बिजनेस घरानों में गिना जाता है।
यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।




