8वां वेतन आयोग: तय समय से पहले रिपोर्ट पर सरकार ने साफ जवाब नहीं दिया
राज्यसभा में सांसद के सवाल पर वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने कहा, आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने में सिफारिशें देनी हैं, समय से पहले रिपोर्ट आएगी या नहीं यह स्पष्ट नहीं किया।

आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का इंतजार कर रहे करीब 1 करोड़ से ज्यादा केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए संसद के मानसून सत्र में सरकार ने अहम जानकारी दी है, हालांकि रिपोर्ट समय से पहले आएगी या नहीं, इस पर स्पष्ट जवाब नहीं मिला।
राज्यसभा में सांसद नीरज शेखर ने सरकार से पूछा था कि क्या 8वां वेतन आयोग 18 महीने की तय समय सीमा से पहले अपनी रिपोर्ट सौंप देगा। उन्होंने यह भी पूछा कि आयोग अब तक किन कर्मचारी और पेंशनर संगठनों से बातचीत कर चुका है और किन संगठनों से बातचीत बाकी है।
इस सवाल के जवाब में वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने बताया कि 3 नवंबर 2025 के सरकारी प्रस्ताव के अनुसार आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने के अंदर अपनी सिफारिशें देनी हैं। लेकिन उन्होंने यह साफ नहीं किया कि आयोग तय समय से पहले रिपोर्ट सौंपेगा या नहीं।
मंत्री ने यह भी बताया कि 3 नवंबर 2025 के प्रस्ताव में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि आयोग को अपनी सलाह-मशवरे की पूरी प्रक्रिया की जानकारी सरकार को लगातार देनी होगी।
नवंबर 2025 में जारी किए गए आयोग से जुड़े नियमों (टर्म्स ऑफ रेफरेंस) के अनुसार, आयोग को गठन की तारीख से 18 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपनी है। इस हिसाब से आयोग के पास मई 2027 तक सिफारिशें देने का समय है। हालांकि जरूरत पड़ने पर समय सीमा बढ़ाने की मांग भी की जा सकती है।
आयोग की बैठकें लगातार जारी हैं। हाल ही में दिल्ली में एक बैठक हुई, इससे पहले कोलकाता में दो दिवसीय बैठक हो चुकी है। आयोग देशभर में केंद्रीय कर्मचारियों, पेंशनरों और अन्य संबंधित संगठनों से बातचीत कर रहा है।
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