UFS 2.2, 3.1 या 4.1: फोन में कौन-सी स्टोरेज सही है
नया स्मार्टफोन खरीदते समय प्रोसेसर और कैमरे पर ध्यान जाता है, लेकिन फोन की रफ्तार तय करने में स्टोरेज तकनीक की भी बड़ी भूमिका होती है।

नया स्मार्टफोन खरीदते समय ज्यादातर खरीदार सबसे पहले प्रोसेसर, रैम, कैमरा और बैटरी देखते हैं। लेकिन फोन की स्पीड और स्मूदनेस पर एक और चीज बड़ा असर डालती है — स्टोरेज तकनीक। यही वजह है कि आजकल स्मार्टफोन की स्पेसिफिकेशन सूची में UFS 2.2, UFS 3.1 और UFS 4.1 जैसे नाम दिखाई देते हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक, फोन कोई एप कितनी जल्दी खोलता है, भारी फाइलें कितनी तेजी से कॉपी होती हैं और हाई-ग्राफिक्स वाले गेम कितने सहज चलते हैं — यह सब बड़ी हद तक फोन की स्टोरेज तकनीक पर निर्भर करता है।
UFS क्या है
UFS का पूरा नाम यूनिवर्सल फ्लैश स्टोरेज है। आज के समय में लगभग हर स्मार्टफोन में इसी का इस्तेमाल होता है। हर नई जनरेशन के साथ यह तकनीक पहले से तेज और बेहतर होती जा रही है, यानी UFS 4.1 वाले फोन में डेटा ट्रांसफर UFS 2.2 वाले फोन से तेज होता है।
खरीदने से पहले क्या देखें
रिपोर्ट में सलाह दी गई है कि नया फोन खरीदने की योजना बना रहे लोग इन तीनों स्टोरेज स्टैंडर्ड का अंतर समझ लें। स्पेसिफिकेशन शीट में स्टोरेज की क्षमता (जैसे 128GB या 256GB) के साथ यह भी देखना चाहिए कि फोन में UFS का कौन-सा संस्करण दिया गया है। एक ही कीमत वर्ग के दो फोनों में स्टोरेज की क्षमता समान होने पर भी अलग-अलग UFS संस्करण होने से रोजमर्रा के इस्तेमाल का अनुभव अलग हो सकता है।
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