सैन फ्रांसिस्को: 'एआई बॉस' वाला स्टोर 4 महीने में ₹60 लाख के घाटे में
दुनिया का पहला ऐसा रिटेल स्टोर, जिसकी पूरी कमान 'लूना' नाम के एआई एजेंट को दी गई थी, चार महीने में करीब 70 हजार डॉलर का नुकसान उठा चुका है।

अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को में शुरू किया गया वह रिटेल स्टोर, जिसकी पूरी जिम्मेदारी किसी इंसान के बजाय एक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एजेंट को सौंपी गई थी, चार महीने में ही सवालों के घेरे में आ गया है। रिपोर्ट के मुताबिक एआई की कई गलतियों के चलते स्टोर को करीब 60 लाख रुपये (लगभग 70 हजार डॉलर) का नुकसान उठाना पड़ा।
इस स्टोर को दुनिया का पहला ऐसा प्रतिष्ठान बताया गया था, जिसका 'बॉस' कोई व्यक्ति नहीं, बल्कि एक एआई सिस्टम है। स्टोर का संचालन देख रहे एआई एजेंट को 'लूना' नाम दिया गया था। खरीद-बिक्री से जुड़े फैसलों से लेकर रोजमर्रा के प्रबंधन तक की जिम्मेदारी इसी सिस्टम के पास थी।
प्रयोग शुरू करते समय उम्मीद जताई गई थी कि यह बिजनेस मैनेजमेंट के भविष्य की दिशा तय कर सकता है। लेकिन चार महीने के भीतर ही नतीजे उलट निकले। रिपोर्ट के अनुसार एआई के कुछ फैसले असामान्य रहे और इसी वजह से स्टोर घाटे में चला गया।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अब हेल्थकेयर, शिक्षा, बैंकिंग और आईटी समेत लगभग हर क्षेत्र में इस्तेमाल हो रहा है। कई कंपनियां इसे भविष्य की सबसे बड़ी तकनीक मानते हुए लगातार नए प्रयोग कर रही हैं। सैन फ्रांसिस्को का यह मामला बताता है कि पूरी जिम्मेदारी एआई के हाथ में देने से पहले इंसानी निगरानी की भूमिका कितनी अहम है।
नुकसान के बाद स्टोर के भविष्य को लेकर आगे क्या फैसला लिया जाएगा, इस बारे में तत्काल कोई जानकारी उपलब्ध नहीं है।
यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।





