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माइक्रोसॉफ्ट ने कर्मचारियों के AI इस्तेमाल पर तय की टोकन सीमा

एआई मॉडल चलाने और इंफरेंस की बढ़ती लागत के बीच कंपनी ने अपने ही कर्मचारियों के एआई उपयोग को सीमित करने का फैसला लिया है।

माइक्रोसॉफ्ट ने कर्मचारियों के AI इस्तेमाल पर तय की टोकन सीमा
फोटो: Jelson25 · Public domain

तकनीक जगत की दिग्गज कंपनी माइक्रोसॉफ्ट ने अपने कर्मचारियों के लिए एआई (कृत्रिम बुद्धिमत्ता) टूल्स के इस्तेमाल पर सीमा तय कर दी है। कंपनी ने कर्मचारियों के लिए टोकन लिमिट निर्धारित की है, ताकि एआई पर होने वाला खर्च नियंत्रण में रहे।

बढ़ती लागत बनी वजह

अब तक कंपनियां और संगठन ज्यादा से ज्यादा एआई टूल्स का इस्तेमाल कर रहे थे। तकनीक उद्योग में इस प्रवृत्ति को 'टोकनमैक्सिंग' कहा जाने लगा है। लेकिन एआई मॉडल को चलाने और इंफरेंस की बढ़ती लागत ने कंपनियों को अपना बजट संभालने पर मजबूर कर दिया है।

माइक्रोसॉफ्ट का यह फैसला इसी दबाव की तस्वीर पेश करता है और उद्योग में आने वाले बड़े बदलाव की ओर इशारा करता है। एआई में अरबों डॉलर निवेश करने वाली कंपनी अब अपने ही कर्मचारियों के हाथ खींच रही है।

कर्मचारियों में सवाल

कंपनी की ओर से भेजे गए ईमेल के बाद एक अनाम कर्मचारी ने एक मीडिया रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह बात बहुत कुछ बयां करती है कि जिस कंपनी ने एआई में इतना भारी निवेश किया है और इतने एआई इंफरेंस को सब्सिडी दी है, वह अब अपने ही कर्मचारियों को खर्च कम करने और एआई का उपयोग सीमित करने की सलाह दे रही है।

एआई सेवाओं में हर सवाल-जवाब की गणना टोकन में होती है और उसी आधार पर लागत तय होती है। ऐसे में टोकन सीमा का मतलब है कि कर्मचारी एक निश्चित मात्रा से ज्यादा एआई इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। कंपनी ने इस नीति के दायरे और अवधि से जुड़ा अतिरिक्त ब्योरा सार्वजनिक नहीं किया है।

यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।

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