डार्क पैटर्न: जेप्टो, फिजिक्स वाला समेत 7 कंपनियों पर जुर्माना
केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ग्राहकों को गुमराह करने वाली ऑनलाइन तरकीबों पर सात ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कुल 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है।

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने ऑनलाइन खरीदारी में ग्राहकों को भ्रमित करने वाली 'डार्क पैटर्न' तकनीकों के इस्तेमाल पर सात ई-कॉमर्स और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर कुल 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। जुर्माना झेलने वाली कंपनियों में क्विक कॉमर्स कंपनी जेप्टो और एडटेक कंपनी फिजिक्स वाला भी शामिल हैं।
क्या हैं डार्क पैटर्न
डार्क पैटर्न वे डिजिटल तरकीबें हैं, जिनसे उपभोक्ता को ऐसा फैसला लेने के लिए प्रेरित या मजबूर किया जाता है, जो वह सामान्य हालात में नहीं लेता। सीसीपीए के मुताबिक ऑनलाइन खरीदारी के दौरान ग्राहकों को बिना जानकारी दिए अतिरिक्त शुल्क जोड़ना, सदस्यता (सब्सक्रिप्शन) अपने आप चालू कर देना और खरीदारी के लिए मनोवैज्ञानिक दबाव बनाना — ये सभी इसी श्रेणी में आते हैं।
ग्राहक कैसे फंसते हैं
अक्सर भुगतान के आखिरी चरण में बिल में ऐसे शुल्क जुड़ जाते हैं, जिनकी जानकारी ग्राहक को पहले नहीं दी जाती। कई बार किसी सेवा का ट्रायल लेने पर सदस्यता खुद-ब-खुद चालू हो जाती है और उसका पैसा कटता रहता है। इसके अलावा 'स्टॉक खत्म होने वाला है' या 'ऑफर कुछ ही मिनट में खत्म' जैसे संकेत देकर ग्राहक पर जल्दबाजी में खरीदारी का दबाव बनाया जाता है।
आगे क्या
सरकार का कहना है कि उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाली ऐसी गतिविधियों पर सख्ती जारी रहेगी। ऑनलाइन कारोबार के तेजी से बढ़ते दायरे को देखते हुए नियामक लगातार प्लेटफॉर्म के इंटरफेस और बिलिंग प्रक्रिया पर नजर रख रहा है।
उपभोक्ताओं को सलाह दी जाती है कि भुगतान से पहले बिल का ब्योरा ध्यान से देखें और सदस्यता से जुड़ी शर्तों की जांच करें।
यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।




