स्टारशिप को 'चॉपस्टिक' से पकड़ने की तैयारी में स्पेसएक्स
एलन मस्क की कंपनी इस महीने स्टारशिप की 14वीं टेस्ट फ्लाइट भेजने की योजना बना रही है, जिसमें पहली बार 171 फीट लंबे ऊपरी हिस्से को लॉन्च टावर की विशाल भुजाओं से हवा में ही पकड़ने की कोशिश होगी।

एलन मस्क की अंतरिक्ष कंपनी स्पेसएक्स इस महीने अपने सबसे महत्वाकांक्षी परीक्षणों में से एक करने जा रही है। कंपनी अगस्त खत्म होने से पहले स्टारशिप की 14वीं टेस्ट फ्लाइट लॉन्च करने की योजना बना रही है।
इस मिशन की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि पहली बार स्टारशिप के ऊपरी हिस्से यानी 'शिप' को लॉन्च टावर की विशाल 'चॉपस्टिक' भुजाओं की मदद से हवा में ही पकड़ने (कैच) की कोशिश की जाएगी। यह हिस्सा करीब 171 फीट लंबा है।
अब तक स्पेसएक्स इस तकनीक का इस्तेमाल रॉकेट के निचले हिस्से के लिए करती रही है। ऊपरी हिस्से को टावर से पकड़ना तकनीकी रूप से कहीं अधिक जटिल माना जाता है, क्योंकि यह अंतरिक्ष से लौटते समय बहुत अधिक गर्मी और दबाव झेलता है।
क्यों अहम है यह प्रयोग
अगर यह कोशिश सफल रहती है तो दोबारा इस्तेमाल होने वाले रॉकेटों की तकनीक में इसे एक ऐतिहासिक उपलब्धि माना जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक इससे भविष्य में अंतरिक्ष मिशनों की लागत और उनमें लगने वाले समय, दोनों में बड़ी कमी आ सकती है, क्योंकि रॉकेट के हिस्सों को समुद्र में उतारने या अलग से रिकवर करने की जरूरत नहीं रहेगी और उन्हें जल्दी दोबारा तैयार किया जा सकेगा।
मस्क का दावा है कि आगे चलकर स्टारशिप कार्यक्रम के तहत हर दिन एक लॉन्च तक किया जा सकेगा। इतनी तेज रफ्तार तभी संभव है जब रॉकेट के दोनों हिस्से बिना नुकसान के लौटें और कम समय में फिर से उड़ान भरने लायक हो जाएं।
स्टारशिप स्पेसएक्स का सबसे बड़ा और सबसे शक्तिशाली वाहन है, जिसे कंपनी लंबी दूरी के अंतरिक्ष मिशनों के लिए विकसित कर रही है। 14वीं टेस्ट फ्लाइट की सटीक तारीख अभी घोषित नहीं की गई है।
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