शिमला में पहाड़ी से चट्टानें गिरीं, हिमाचल में दो दिन ऑरेंज अलर्ट
शिमला के ढली में लैंडस्लाइड से तीन गाड़ियां क्षतिग्रस्त, किन्नौर में आसमानी बिजली गिरने से 200 भेड़-बकरियों की मौत

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के ढली में शाम के वक्त पहाड़ी से बड़ी-बड़ी चट्टानें हाईवे पर गिर गईं। ढली सब्जी मंडी के ठीक सामने पार्क तीन गाड़ियों को नुकसान पहुंचा है। पत्थर गिरने के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
धर्मशाला और शिमला जिले के रोहड़ू को छोड़कर बाकी हिस्सों में दिनभर मौसम साफ रहा, जबकि मंडी और बिलासपुर में हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग के मुताबिक आज से एक स्ट्रांग वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो रहा है, जिसे देखते हुए कल मंडी और सिरमौर जिले में कुछ स्थानों पर भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। ऊना, बिलासपुर, चंबा और कांगड़ा जिले में यलो अलर्ट रहेगा।
15 अगस्त को बिलासपुर, हमीरपुर, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर जिले में यलो अलर्ट है। 16 अगस्त को कांगड़ा, मंडी, सिरमौर और शिमला में तेज बारिश का पूर्वानुमान है। 17 और 18 अगस्त को मानसून फिर स्ट्रांग होगा, जिसके चलते सिरमौर, कांगड़ा और ऊना जिले में ऑरेंज अलर्ट तथा चंबा, कुल्लू, मंडी, शिमला और सोलन में यलो अलर्ट रहेगा। राज्य में 19 अगस्त तक बारिश जारी रहने का अनुमान है।
भारतीय मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट वाले जिलों में विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है और लोगों को नदी-नालों के पास जाने तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की एडवाइजरी जारी की है।
इस बीच किन्नौर के रूपी वैली के श्री कंडे में बीती रात करीब 11 बजे आसमानी बिजली गिरने से 200 से ज्यादा भेड़-बकरियों की मौत हो गई। इससे भेड़ पालक गुमान सिंह को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।
हिमाचल प्रदेश में इस मानसून सीजन में सामान्य से 9 फीसदी कम बारिश दर्ज की गई है। बिलासपुर में 6 फीसदी, हमीरपुर में 47 फीसदी, कांगड़ा में 15 फीसदी, लाहौल-स्पीति में 51 फीसदी, मंडी में 23 फीसदी, सोलन में 8 फीसदी और ऊना में 2 फीसदी कम बारिश हुई है, जबकि चंबा, किन्नौर, कुल्लू, शिमला और सिरमौर में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
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