शुक्रवार, 14 अगस्त 2026HI
भारत संस्करण
भारत

नियुक्ति में देरी से नाराज अतिथि व्याख्याताओं ने रायपुर में घेराव किया

नया शैक्षणिक सत्र शुरू हुए 48 दिन बीत गए, लेकिन दोबारा नियुक्ति न मिलने से कई कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित, संघ ने मंत्रालय में सौंपा ज्ञापन

नियुक्ति में देरी से नाराज अतिथि व्याख्याताओं ने रायपुर में घेराव किया
फोटो: VishuN · CC BY-SA 4.0

शासकीय कॉलेजों में अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति में देरी और सेवा से जुड़ी मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ शासकीय महाविद्यालयीन अतिथि व्याख्याता पीएचडी-नेट कल्याण संघ ने बुधवार को रायपुर में मंत्रालय का घेराव किया। प्रदेशभर से पहुंचे अतिथि व्याख्याताओं ने कई घंटे तक प्रदर्शन किया और शिक्षा विभाग के अधिकारियों से मिलने की मांग की, लेकिन कोई अधिकारी उनसे मिलने नहीं आया। अंत में प्रदर्शनकारियों ने नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

संघ के मुताबिक, शासकीय कॉलेजों में नया शैक्षणिक सत्र 1 जुलाई से शुरू हो चुका है और छात्र कॉलेज पहुंच रहे हैं, लेकिन करीब डेढ़ महीने बाद भी पिछले सत्र में काम कर चुके कई अतिथि व्याख्याताओं को दोबारा नियुक्ति नहीं मिली है, जिससे कई कॉलेजों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनकी आय भी रुक गई है।

राज्य सरकार ने 17 जुलाई 2026 को अतिथि व्याख्याता नीति-2024 (संशोधित-2026) जारी की थी, लेकिन इसके बाद भी उच्च शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेजों को दोबारा नियुक्ति के निर्देश नहीं मिले हैं। उच्च शिक्षा संचालनालय के अनुसार नियुक्ति आदेश के लिए वित्त विभाग की मंजूरी का इंतजार है।

अतिथि व्याख्याताओं ने बताया कि नीति में 11 महीने काम करने का प्रावधान है, लेकिन हर साल नियुक्ति प्रक्रिया में देरी होती है। पिछले सत्र का कार्यकाल 30 मई को खत्म हुआ था। संघ ने यह भी आपत्ति जताई कि नई नीति में 4 घंटे कक्षा के बाद 3 घंटे अतिरिक्त रुकने पर मिलने वाला 400 रुपए प्रतिदिन का भत्ता खत्म कर दिया गया है, जबकि अब 7 घंटे कॉलेज में मौजूद रहना अनिवार्य किया गया है।

संघ ने ज्ञापन में छह प्रमुख मांगें रखीं—11 महीने की पूर्णकालिक नियुक्ति तत्काल हो, 50 हजार रुपए प्रतिमाह एकमुश्त मानदेय मिले, महिला अतिथि व्याख्याताओं को सवैतनिक मातृत्व अवकाश दिया जाए, 65 साल की उम्र तक नौकरी की सुरक्षा हो, पीएससी सहायक प्राध्यापक भर्ती में 15 से 20 बोनस अंक और आयु सीमा में छूट दी जाए। संघ ने कहा कि कई अतिथि व्याख्याता 15 से 20 साल से पढ़ा रहे हैं, इसलिए उनके अनुभव को भर्ती में महत्व दिया जाए।

यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।

छत्तीसगढ़अतिथि व्याख्यातारायपुरउच्च शिक्षा विभागप्रदर्शन
नियुक्ति में देरी से नाराज अतिथि व्याख्याताओं ने रायपुर में घेराव किया | Indian Dispatch