पदोन्नति में TET अनिवार्यता पर शिक्षकों का मोर्चा, 18 अगस्त को ज्ञापन
अलग-अलग शिक्षक संगठनों ने मिलकर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा बनाया, वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति की मांग

छत्तीसगढ़ में पदोन्नति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) की अनिवार्यता को लेकर शिक्षक संगठनों ने विरोध शुरू कर दिया है। अलग-अलग शिक्षक संगठनों ने मिलकर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा बनाया है।
मोर्चे की पहली प्रमुख मांग पदोन्नति में TET की शर्त हटाकर वरिष्ठता के आधार पर खाली पदों पर पदोन्नति देने की है। संजय शर्मा, वीरेंद्र दुबे और केदार जैन की वर्चुअल बैठक में मोर्चे के गठन का फैसला लिया गया।
बैठक में तय किया गया कि 18 अगस्त को शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) को शिक्षकों की प्रमुख मांगों को लेकर ज्ञापन दिया जाएगा।
मोर्चे का कहना है कि सभी स्तरों पर पदोन्नति के लिए TET की अनिवार्यता वाले निर्देश को वापस लिया जाए। संगठनों ने सर्वोच्च न्यायालय की ओर से शिक्षकों को 2028 तक दी गई छूट का हवाला देते हुए वरिष्ठता के आधार पर खाली पदों पर पदोन्नति की मांग की है।
प्रमुख मांगें
1. व्याख्याता, शिक्षक और प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक स्कूलों के प्रधान पाठक के सभी खाली पदों पर TET की शर्त के बिना वरिष्ठता के आधार पर पदोन्नति की जाए। 2. पूर्ण पेंशन के लिए शिक्षकों की पूर्व सेवा अवधि को भी सेवा में शामिल किया जाए। 3. शिक्षकों के वेतन में मौजूद अंतर दूर कर केंद्रीय वेतनमान के आधार पर वेतन तय किया जाए। 4. 13 फरवरी 2026 को जारी नए भर्ती एवं पदोन्नति नियम में बताई जा रही विसंगतियों को दूर करने या नियम को निरस्त करने की मांग की जाएगी। 5. B.Ed के लिए ब्रिज कोर्स से जुड़ी मांग भी उठाई जाएगी।
वर्चुअल बैठक में अलग-अलग शिक्षक संगठनों के प्रमुख पदाधिकारी शामिल हुए। मोर्चे ने कहा है कि शिक्षकों से जुड़े अन्य जरूरी मुद्दों को भी 18 अगस्त को दिए जाने वाले ज्ञापन में शामिल किया जाएगा।
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