यूक्रेन बैंक विवाद में रूस के मध्यस्थ बनेंगे पूर्व CJI चंद्रचूड़
ओश्चादबैंक ने रूस पर कब्जे वाले इलाकों में संपत्ति छीनने का आरोप लगाते हुए अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता शुरू की, जिसमें रूस ने डीवाई चंद्रचूड़ को अपना मध्यस्थ नियुक्त किया है।
भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डीवाई चंद्रचूड़ को रूस ने यूक्रेन के सरकारी बैंक ओश्चादबैंक से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय निवेश विवाद में अपना मध्यस्थ नियुक्त किया है। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार यह मामला यूक्रेन और रूस के बीच 1998 में हुए द्विपक्षीय निवेश समझौते के तहत चल रहा है।
ओश्चादबैंक का आरोप है कि 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद उसे दोनेत्स्क, लुहांस्क, खेरसॉन और जापोरिज्जिया क्षेत्रों में अपनी संपत्तियां और कारोबार गंवाना पड़ा। इन इलाकों में बैंक की शाखाएं, एटीएम, दफ्तर और जमीन जैसी संपत्तियां थीं, जिन्हें रूस के कब्जे के बाद इस्तेमाल नहीं किया जा सका। बैंक का कहना है कि इससे उसे भारी नुकसान हुआ, जिसके चलते उसने कई सौ मिलियन डॉलर का दावा किया है।
बैंक ने जुलाई 2025 में रूस को विवाद का नोटिस भेजा था। जब रूस की ओर से कोई जवाब नहीं मिला, तो बैंक ने अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस मामले की सुनवाई तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल करेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक, रूस इससे पहले भी दो अलग-अलग मामलों में चंद्रचूड़ को अपनी ओर से मध्यस्थ बनाना चाहता था, लेकिन उन्होंने वे जिम्मेदारियां स्वीकार नहीं की थीं। पहला मामला जर्मनी की ऊर्जा कंपनी विंटरशाल डीया से जुड़ा था, जिसने रूस पर यूक्रेन युद्ध के बाद उसके गैस और तेल प्रोजेक्ट्स पर कब्जे का आरोप लगाया था। दूसरा मामला यूक्रेन की सरकारी बिजली कंपनी उक्रएनरगो का था, जिसने कब्जे वाले इलाकों में अपनी बिजली संपत्तियों को नुकसान पहुंचाए जाने का आरोप लगाया था। दोनों मामलों का अभी तक अंतिम फैसला नहीं आया है।
डीवाई चंद्रचूड़ से पहले भी भारत के सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के कई पूर्व न्यायाधीश अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता और ट्रिब्यूनल में जिम्मेदारियां निभा चुके हैं। भारत से जुड़े ऐसे ही चर्चित मामलों में केयर्न एनर्जी और वोडाफोन बनाम भारत शामिल हैं, जिनमें ट्रिब्यूनल ने भारत सरकार के खिलाफ फैसला सुनाया था।
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