चीन का लॉन्ग मार्च 7ए रॉकेट उड़ान के 85 सेकंड बाद फटा
वेनचांग से प्रक्षेपण के बाद पहले चरण की उड़ान में खराबी आई और मिशन विफल हो गया; रॉकेट के साथ सैटेलाइट भी नष्ट हो गया।

चीन का लॉन्ग मार्च 7ए (सीजेड-7ए) रॉकेट प्रक्षेपण के करीब 85 सेकंड बाद हवा में फट गया। इस हादसे में रॉकेट के साथ ले जाया जा रहा सैटेलाइट भी नष्ट हो गया और मिशन विफल घोषित कर दिया गया।
रॉकेट ने वेनचांग लॉन्च सेंटर से उड़ान भरी थी। उड़ान के शुरुआती चरण में, यानी पहले चरण के दौरान ही इसमें खराबी दिखाई दी। खराबी की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं है। जांचकर्ता रॉकेट से मिले टेलीमेट्री और अन्य आंकड़ों का विश्लेषण करेंगे, ताकि यह पता चल सके कि ऊपर जाने के दौरान क्या गड़बड़ी हुई।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। समाचार चैनल आरटी और अंतरिक्ष मामलों की वेबसाइट NASASpaceflight ने 10 अगस्त 2026 को अपने पोस्ट में रॉकेट के पहले चरण की उड़ान के दौरान फटने की जानकारी दी।
लॉन्ग मार्च 7ए क्या है
लॉन्ग मार्च 7ए मध्यम से भारी वजन वाले सैटेलाइट अंतरिक्ष में पहुंचाने वाला रॉकेट है, जिसे चाइना एकेडमी ऑफ लॉन्च व्हीकल टेक्नोलॉजी ने तैयार किया है। इसे मुख्य रूप से सैटेलाइट को जियोस्टेशनरी ट्रांसफर ऑर्बिट (जीटीओ) तक पहुंचाने के लिए बनाया गया है। यह लॉन्ग मार्च 7 पर आधारित है और इसमें लिक्विड-फ्यूल इंजन वाला मुख्य हिस्सा तथा उसके साथ बूस्टर लगे हैं। इसका डिजाइन ज्यादा भारी पेलोड को ऊंची कक्षाओं तक पहुंचाने में मदद करता है।
शुरुआती चरण सबसे कठिन क्यों
उड़ान का शुरुआती चरण तकनीकी रूप से सबसे संवेदनशील माना जाता है। इस दौरान रॉकेट पर हवा का दबाव तेजी से बदलता है, तेज कंपन होता है और उसे बहुत अधिक गति से वातावरण को पार करना पड़ता है।
कार्यक्रम पर असर
चीन ने हाल के वर्षों में रॉकेट प्रक्षेपण की रफ्तार काफी बढ़ाई है और लॉन्ग मार्च रॉकेटों का परिवार उसके ऑर्बिटल कार्यक्रम की रीढ़ है। वेनचांग उसके सबसे शक्तिशाली रॉकेटों और भविष्य के अभियानों का बड़ा केंद्र बन चुका है। इस विफलता के बावजूद चीन के व्यापक अंतरिक्ष कार्यक्रम में बुनियादी बदलाव की संभावना कम मानी जा रही है, लेकिन अंतरिक्ष उद्योग जांच पर नजर रखेगा, ताकि आगे के सीजेड-7ए मिशनों में ऐसी घटना दोहराई न जाए।
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