इमरान खान की मौत की खबर झूठी: पाकिस्तानी सेना
पाकिस्तानी सेना ने इमरान खान की मौत की अफवाहों को मनगढ़ंत बताया, PTI ने मिलने न दिए जाने पर प्रदर्शन की चेतावनी दी।

पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग आईएसपीआर ने जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की मौत से जुड़ी खबरों को पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठा करार दिया है। यह प्रतिक्रिया एक पाकिस्तानी पत्रकार के दावे के बाद आई, जिसमें कहा गया था कि रावलपिंडी स्थित सेना मुख्यालय (जीएचक्यू) के तीन वरिष्ठ अधिकारियों ने आशंका जताई थी कि इमरान खान शायद अब जीवित नहीं हैं।
पत्रकार वजाहत खान ने स्पष्ट किया कि सेना मुख्यालय ने इमरान खान की मौत की सीधे पुष्टि नहीं की थी, बल्कि फौज के भीतर फैले डर की बात रखी गई थी। उन्होंने कहा कि महीनों की खामोशी के बाद सेना का सामने आकर खंडन करना ही इस बात का सबूत है कि पूर्व प्रधानमंत्री जीवित हैं। वजाहत खान के अनुसार, उनके सूत्र ने केवल यह डर जताया था कि कहीं कुछ बुरा न हो गया हो, क्योंकि पाकिस्तानी सेना इस मुद्दे पर असामान्य रूप से खामोश रही है।
इमरान खान की सेहत को लेकर पड़ोसी मुल्क में लगातार चिंताएं बढ़ रही हैं। उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने मांग की है कि उनके परिवारवालों और निजी डॉक्टरों को उनसे मिलने की इजाजत दी जाए। गौरतलब है कि नवंबर 2025 में भी इसी तरह की अफवाहें उड़ी थीं, जिसके बाद 2 दिसंबर को इमरान खान की बहन उजमा खानम ने अडियाला जेल में उनसे मुलाकात कर बताया था कि वे ठीक हैं।
खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री और पीटीआई नेता सोहेल आफरीदी ने चेतावनी दी है कि अगर इमरान खान से मुलाकात की इजाजत नहीं दी गई तो 20 लाख से ज्यादा लोग सड़कों पर उतरने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में लोगों के बाहर आने पर उन्हें रोक पाना किसी के लिए संभव नहीं होगा।
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