अमेरिका में वीजा नीति से घट सकते हैं 1.1 लाख विदेशी छात्र
नई रिपोर्ट में दावा, 2026 शीतकालीन सत्र में दाखिले घटने से अमेरिकी अर्थव्यवस्था को 3.4 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।

अमेरिका की सख्त वीजा नीति और नीतिगत अनिश्चितता का सीधा असर विदेशी छात्रों के दाखिले पर पड़ सकता है। एक नई रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के शीतकालीन सत्र में अमेरिकी कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में विदेशी छात्रों के दाखिले में 1.1 लाख तक की कमी आने की आशंका है।
यह रिपोर्ट शिक्षकों के संगठन एनएएफएसए यानी एसोसिएशन ऑफ इंटरनेशनल एजुकेटर्स और शोध संस्था जेबी इंटरनेशनल ने तैयार की है। इसमें कहा गया है कि विदेशी छात्रों की संख्या में गिरावट से अमेरिकी स्थानीय अर्थव्यवस्था को करीब 3.4 अरब अमेरिकी डॉलर, यानी लगभग 32,457.83 करोड़ रुपये का नुकसान हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक इसका असर करीब 39,000 नौकरियों पर भी पड़ने का अनुमान है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि स्नातक स्तर पर विदेशी छात्रों के दाखिले में गिरावट इस आर्थिक नुकसान की सबसे बड़ी वजह है। इसका असर खासतौर पर उन शिक्षण संस्थानों पर पड़ रहा है, जहां विदेशी छात्रों की संख्या सबसे ज्यादा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका की वीजा नीतियों को लेकर बनी अनिश्चितता विदेशी छात्रों को दाखिले से हतोत्साहित कर रही है, जिसका सीधा असर उन शहरों और संस्थानों की स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है, जो विदेशी छात्रों की फीस और खर्च पर काफी हद तक निर्भर रहते हैं।
यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।





