8वें वेतन आयोग की जयपुर, चेन्नई, चंडीगढ़ में बैठकें तय
केंद्रीय कर्मचारियों के वेतन ढांचे पर अंतिम फैसले से पहले आयोग कई शहरों में हितधारकों से मिलेगा।

आठवें वेतन आयोग ने एक करोड़ से अधिक केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए वेतन ढांचे, भत्तों और पेंशन संशोधन को अंतिम रूप देने की दिशा में अगली कड़ी की बैठकों का शेड्यूल जारी किया है। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला यह आयोग अब जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ में अहम बातचीत के सत्र आयोजित करेगा और मुंबई का दौरा भी करेगा।
जयपुर में 31 अगस्त और 1 सितंबर को बैठकें होंगी, जिनके लिए हितधारकों से आवेदन लेने की अंतिम तारीख 18 अगस्त है। चेन्नई में 7 और 8 सितंबर को परामर्श बैठकें होंगी, जिसके तुरंत बाद 9 सितंबर को पुडुचेरी में सुनवाई तय है। चंडीगढ़ में 16 से 18 सितंबर के बीच कर्मचारी यूनियनों के साथ सीधी बातचीत होगी, जिसके लिए 25 अगस्त तक आवेदन करना होगा। मुंबई में आयोग सेंट्रल रेलवे जोन के कर्मचारियों की काम करने की स्थितियों का जमीनी स्तर पर जायजा लेगा, हालांकि इसकी सटीक तारीखें अभी घोषित नहीं हुई हैं।
अगस्त-सितंबर की इन बैठकों के लिए कोई औपचारिक एजेंडा जारी नहीं किया गया है, लेकिन माना जा रहा है कि बातचीत मुख्य रूप से पे स्ट्रक्चर पर केंद्रित रहेगी। कर्मचारियों के बीच सबसे बड़ी मांग फिटमेंट फैक्टर को लेकर है। एनसीजेसीएम जैसे यूनियनों ने इसे सातवें वेतन आयोग के 2.57 से बढ़ाकर 3.83 करने की मांग रखी है। विशेषज्ञों के मुताबिक अगर फिटमेंट फैक्टर 2.6 से 2.85 के दायरे में भी तय होता है, तो बेसिक पे में 25-30% तक बढ़ोतरी संभव है।
न्यूनतम पेंशन को मौजूदा 9,000 रुपये से बढ़ाकर 22,500 से 25,200 रुपये तक करने पर भी विचार हो सकता है। एनसीजेसीएम ने रिटायरमेंट पर मिलने वाली अधिकतम ग्रैच्युटी सीमा को मौजूदा 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये करने का प्रस्ताव दिया है, जबकि कुछ संगठनों ने इसे 50 लाख रुपये तक बढ़ाने की मांग की है।
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