सरकार लाएगी नई गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम, ज्वैलर्स से जमा होगा सोना
घर में रखे सोने पर ब्याज दिलाने के लिए सरकार नई योजना पर काम कर रही है, जिसमें बैंक की जगह सर्टिफाइड ज्वैलर्स की मदद ली जाएगी।

भारत सरकार जल्द ही एक नई गोल्ड मोनेटाइजेशन योजना लाने की तैयारी कर रही है, जिसके तहत आम लोग अपने पास रखे सोने के सिक्के, गहने या बार को नजदीकी सर्टिफाइड ज्वैलर के पास जमा कर सकेंगे और इसके बदले उन्हें ब्याज मिलेगा।
सरकार फिलहाल इस योजना का ढांचा तैयार कर रही है। पहले चरण में ज्वैलरी दुकान वालों और कारोबारियों से बातचीत की जा रही है, क्योंकि इस पूरी प्रक्रिया में उनकी भूमिका सबसे अहम होगी। हालांकि इस योजना को लेकर सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक ऐलान नहीं किया गया है।
इस योजना का मुख्य मकसद भारतीय परिवारों के घरों में पड़े सोने को बाजार में लाना है। भारत में घरों में बड़ी मात्रा में सोना जमा है, और इसका थोड़ा हिस्सा भी अगर बाजार में आता है तो इससे सोने के आयात में कमी आ सकती है, जिससे देश में निवेश के लिए उपलब्ध पूंजी बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
गौरतलब है कि सरकार ने साल 2015 में भी गोल्ड मोनेटाइजेशन स्कीम शुरू की थी, लेकिन उसमें लोगों को बैंक या तय टेस्टिंग सेंटर जाना पड़ता था, जिससे उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ा। आंकड़ों के अनुसार, 2015 से 2025 तक यानी 10 साल में महज 38 टन सोना ही इस योजना के तहत जमा हो सका। अब सरकार नई योजना में कुछ बदलाव करने की योजना बना रही है, ताकि यह ज्यादा कारगर साबित हो और लोगों को इसका फायदा मिल सके।
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