मॉनसून सत्र के आखिरी दिन भी संसद में गतिरोध बरकरार
पैलेट गन विवाद पर अमित शाह के चर्चा प्रस्ताव के बावजूद विपक्ष के हंगामे से लोकसभा में गतिरोध जारी रहा।

संसद का मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ था और 13 अगस्त को समाप्त होना है, लेकिन आखिरी दिनों में भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव थमने का नाम नहीं ले रहा। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार गृह मंत्री अमित शाह से 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद की ओर निकाले गए छात्रों के मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर जवाब मांग रहे हैं।
विपक्ष का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, जिससे कई छात्र घायल हुए। राहुल गांधी ने 19 वर्षीय घायल छात्र साहिल लोचब को मीडिया के सामने पेश करते हुए दावा किया कि उसकी दाईं आंख में छर्रा लगने से नुकसान पहुंचा। समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने आरटीआई के हवाले से दावा किया कि पैलेट गन से 10 बच्चे घायल हुए।
बुधवार दोपहर करीब 12 बजे गृह मंत्री अमित शाह ने मीडिया के सामने आकर कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने प्रस्ताव दिया कि दोपहर 3 बजे से चर्चा शुरू हो और वह गुरुवार दोपहर 3 बजे सदन में सभी सवालों का जवाब देंगे। इसके करीब 10 मिनट बाद राहुल गांधी ने कहा कि उन्हें कोई लेक्चर नहीं चाहिए, बल्कि अपने सवालों के जवाब चाहिए।
अमित शाह ने पौने 3 बजे लोकसभा अध्यक्ष को चिट्ठी लिखकर चर्चा के लिए समय और अवधि पर सहमति बनाने की अपील की, लेकिन दोपहर 3 बजे सदन की कार्यवाही शुरू होने पर भी हंगामा जारी रहा और चर्चा शुरू नहीं हो सकी। कार्यवाही फिर स्थगित करनी पड़ी।
संसद परिसर में भी दोनों पक्षों का प्रदर्शन जारी रहा। समाजवादी पार्टी के सांसद अयोध्या में चढ़ावे से जुड़े मामले को लेकर दान पेटी के साथ प्रदर्शन करते दिखे, जबकि भाजपा सांसद राहुल गांधी से माफी मांगने की मांग करते नजर आए। सत्ता पक्ष ने झारखंड में छात्रों के मार्च के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का हवाला देकर राहुल गांधी पर चयनात्मक राजनीति करने का आरोप लगाया।
यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।





