मणिपुर: अवैध हथियार लौटाने को 15 दिन की मोहलत, सख्त कार्रवाई की चेतावनी
मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने कहा, तय समय बाद अवैध हथियार मिलने पर होगी कानूनी कार्रवाई।

मणिपुर में तीन साल से जारी जातीय हिंसा के बीच राज्य सरकार ने अवैध और लूटे गए हथियार रखने वालों को उन्हें जमा करने के लिए 15 दिन की अंतिम मोहलत दी है। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने साफ किया है कि तय समय के बाद अवैध हथियारों के साथ पकड़े जाने वालों के खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत कार्रवाई की जाएगी।
सरकार का यह कदम हिंसा के बाद राज्य में शांति और सुरक्षा बहाल करने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, पांच फरवरी से 11 अगस्त के बीच राज्य में 1,422 हथियार, 7,010 कारतूस और 1,137 विस्फोटक बरामद किए गए हैं।
गौरतलब है कि हिंसा के दौरान राज्य में 6,020 से अधिक हथियार लूटे गए थे, जिनमें से अभी भी बड़ी संख्या में हथियार लोगों के पास मौजूद बताए जा रहे हैं। सरकार का मानना है कि हथियारों की वापसी से राज्य में शांति बहाली की प्रक्रिया मजबूत होगी।
15 दिन की यह मोहलत खत्म होने के बाद प्रशासन किस तरह की कार्रवाई करेगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इस दौरान लोगों को स्वेच्छा से हथियार जमा करने का अवसर दिया जा रहा है, ताकि आगे किसी सख्त कार्रवाई की नौबत न आए।
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