अनमोल बिश्नोई की हिरासत में अड़चन, पुलिस ने कोर्ट को दी सफाई
बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में वांछित अनमोल बिश्नोई को मुंबई लाने में कानूनी अड़चन, पुलिस ने अदालत से कहा- उसे बचाने का कोई इरादा नहीं

मुंबई में महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री बाबा सिद्दीकी की हत्या के मामले में वांछित गैंगस्टर अनमोल बिश्नोई की हिरासत को लेकर मुंबई पुलिस ने बुधवार को विशेष अदालत में अपना पक्ष रखा। पुलिस ने कहा कि अनमोल को बचाने या मुकदमे से दूर रखने का उसका कोई इरादा नहीं है और उसकी हिरासत हासिल करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अनमोल फिलहाल दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद है।
विशेष मकोका अदालत ने पांच अगस्त को जांच अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था, यह पूछते हुए कि 10 जुलाई के आदेश के बावजूद अनमोल को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये पेश न करने पर कार्रवाई क्यों न की जाए। पुलिस ने जवाब में कहा कि आरोपी की पहली गिरफ्तारी के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी कानूनी रूप से संभव नहीं है, इसलिए उसकी शारीरिक हिरासत जरूरी है।
मुंबई अपराध शाखा ने अदालत को बताया कि केंद्र सरकार ने पांच दिसंबर 2025 को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 303(1) और गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम की धारा 43-डी(3) के तहत आदेश जारी कर अनमोल को एक साल या मुकदमा पूरा होने तक तिहाड़ जेल और दिल्ली के क्षेत्राधिकार से बाहर ले जाने पर रोक लगाई है। इसी आदेश के कारण पटियाला हाउस अदालत ने उसका प्रोडक्शन वारंट खारिज कर दिया था।
अनमोल, जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई का छोटा भाई है। उसे अमेरिका से भेजे जाने के बाद नवंबर 2025 में राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने आपराधिक गिरोहों और आतंकी संगठनों के बीच कथित गठजोड़ से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया था। बाबा सिद्दीकी हत्याकांड की जांच में पुलिस ने उसे साजिश का मुख्य सूत्रधार बताया है।
सिद्दीकी के परिवार ने अदालत में आवेदन देकर आरोप लगाया था कि पुलिस 'बाहरी दबाव' के कारण अनमोल को हिरासत में लेने से बच रही है। इसी के बाद 10 जुलाई का आदेश आया था। पुलिस ने अब स्पष्ट किया कि जांच एजेंसी की सभी कोशिशें आरोपी को पेश कराने और मुकदमा चलाने के लिए ही की गई हैं।
66 वर्षीय बाबा सिद्दीकी की 12 अक्तूबर 2024 की रात मुंबई के बांद्रा पूर्व इलाके में उनके बेटे जीशान के कार्यालय के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। तीन हमलावरों ने गोलियां चलाई थीं। जांच में अब तक दो दर्जन से अधिक लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
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