अंकित शर्मा हत्याकांड: पुलिस ने बरी आरोपियों के खिलाफ हाईकोर्ट का रुख किया
ट्रायल कोर्ट ने छह आरोपियों को बरी किया था, ताहिर हुसैन समेत पांच को मिली थी उम्रकैद, अब पुलिस ने फैसले को चुनौती दी

दिल्ली पुलिस ने आईबी अधिकारी अंकित शर्मा हत्याकांड में ट्रायल कोर्ट के फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। हाल ही में निचली अदालत ने इस मामले के छह आरोपियों को बरी कर दिया था, जबकि आम आदमी पार्टी के पूर्व पार्षद ताहिर हुसैन को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। पुलिस इस फैसले से संतुष्ट नहीं है और उसने बरी किए गए आरोपियों को लेकर निचली अदालत के आदेश को उच्च न्यायालय में चुनौती दी है। मामले की सुनवाई के लिए उच्च न्यायालय ने 2 दिसंबर की तारीख तय की है।
उत्तर-पूर्वी दिल्ली में 2020 में हुए सांप्रदायिक दंगों के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारी अंकित शर्मा की बेहद क्रूरता से हत्या कर दी गई थी। इस मामले में कड़कड़डूमा अदालत ने पूर्व आप पार्षद ताहिर हुसैन सहित पांच दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इस फैसले ने 24 फरवरी 2020 के उस दिन की यादें ताजा कर दी हैं, जब दंगाइयों ने एक अधिकारी की जान ले ली थी।
सुनवाई के दौरान कड़कड़डूमा अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश प्रवीण सिंह ने अपना फैसला सुनाया था। अदालत ने पांचों दोषियों ताहिर हुसैन, नजीर, आसिम, जावेद और अनास को हत्या और दंगा भड़काने का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। वहीं, कुल 11 आरोपियों में से 6 को बरी कर दिया गया था। पुलिस अब इन्हीं बरी किए गए आरोपियों के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील लेकर पहुंची है।
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