कोरबा में 50 हाथियों का डेरा, घर तोड़ा, फसल रौंदी
कटघोरा और कोरबा वन मंडल में झुंडों में घूम रहे हाथियों ने कई गांवों में तबाही मचाई, वन विभाग ने सभी रेंज में अलर्ट जारी किया

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में हाथियों की आवाजाही लगातार बढ़ रही है। कटघोरा और कोरबा वन मंडल की अलग-अलग रेंज में करीब 50 हाथी झुंडों में विचरण कर रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है।
पसान रेंज के कुम्हारी सानी गांव के पास मंगलवार को एक दंतैल हाथी नाले के किनारे पहुंच गया। ग्रामीणों ने शोर मचाकर और पत्थर फेंककर उसे भगाने की कोशिश की, जिससे हाथी कई बार उनकी ओर दौड़ा। बाद में वह खेतों से होते हुए जंगल की ओर चला गया और शाम को पसान गांव के पास कोसाबाड़ी क्षेत्र में फिर दिखाई दिया।
इसी रेंज के बनिया जंगल में घूम रहे दूसरे दंतैल ने रात में तनेरा गांव में एक मकान क्षतिग्रस्त कर दिया। मरवाही से पसान पहुंचा यह हाथी अब बीजाडाड़ की ओर बढ़ गया है, जिस पर वन विभाग लगातार निगरानी रख रहा है।
कोरबा वन मंडल के कुदमुरा रेंज में दो दंतैल हाथियों ने तीन किसानों की फसल को नुकसान पहुंचाया। वन विभाग को आशंका है कि ये हाथी वापस धरमजयगढ़ की ओर लौट सकते हैं। वहीं करतला रेंज के लबेद में घूम रहा 7 हाथियों का दल रात में सक्ती रेंज के रैनखोल की ओर चला गया, जिससे स्थानीय ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
वन विभाग के अनुसार कटघोरा वन मंडल में फिलहाल करीब 50 हाथी अलग-अलग झुंडों में हैं। इनमें 19 हाथी सीमा क्षेत्र में हैं, जबकि केंदई रेंज के कोरबी क्षेत्र में 10 हाथी देखे गए हैं। रेंजर मनीष सिंह ने बताया कि 19 हाथी जटगा की ओर लौट गए हैं। वन अमला बुधवार को गांवों में पहुंचकर हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहा था।
वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे हाथियों की मौजूदगी वाले इलाकों में जंगल की ओर न जाएं, उनके पास न जाएं, शोर न मचाएं और पत्थर मारकर भगाने की कोशिश न करें, क्योंकि दंतैल हाथियों के हमले का खतरा अधिक रहता है।
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