कौवे को बताया राष्ट्रीय पक्षी, बीएड-एमएड आंसर-की विवादों में
सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की बीएड-एमएड प्रवेश परीक्षा की उत्तर कुंजी में कई गंभीर गलतियां सामने आईं, जिसके बाद संशोधित उत्तर कुंजी जारी करनी पड़ी।

अल्मोड़ा की सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय की ओर से 16 अगस्त को आयोजित बीएड-एमएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा की उत्तर कुंजी जारी होने के बाद विवाद खड़ा हो गया। उत्तर कुंजी में राष्ट्रीय पक्षी से जुड़े सवाल का जवाब 'कौआ' बताया गया, जो सबसे अधिक चर्चा का विषय बना।
मामला सामने आने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने वेबसाइट से पुरानी उत्तर कुंजी हटा दी और बाद में संशोधित उत्तर कुंजी जारी की। इस प्रवेश परीक्षा में प्रदेशभर से कुल 5,352 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के आयोजन की जिम्मेदारी अल्मोड़ा की सोबन सिंह जीना यूनिवर्सिटी और श्रीदेव सुमन यूनिवर्सिटी को दी गई थी। सेक्शन ए को छोड़कर बी, सी और डी खंडों में कई सवालों के गलत उत्तर दिखाए गए थे।
राष्ट्रीय पक्षी के अलावा भी कई अन्य त्रुटियां सामने आईं। उत्तर कुंजी में जोजिला दर्रे को उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में बताया गया, जबकि पिथौरागढ़ को तिब्बत से जोड़ने वाले दर्रे का नाम लिपुलेख है। इसी तरह वन अनुसंधान संस्थान (एफआरआई) देहरादून को हल्द्वानी में बताया गया। भारत की सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा किस देश से लगती है, इस सवाल का जवाब बांग्लादेश की जगह पाकिस्तान बता दिया गया।
सोबन सिंह जीना विश्वविद्यालय अल्मोड़ा कैंपस के छात्रसंघ उपाध्यक्ष भूपेश सिंह गैड़ा ने इसे गंभीर त्रुटि बताते हुए कहा कि बीएड जैसी महत्वपूर्ण प्रवेश परीक्षा की उत्तर कुंजी में ऐसी गलतियां परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने प्रश्नपत्र और उत्तर कुंजी की दोबारा जांच कराने तथा भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने की मांग की।
विश्वविद्यालय के अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रोफेसर शेखर चंद्र जोशी ने उत्तर कुंजी में हुई गलती को तकनीकी समस्या या मिसप्रिंट का परिणाम बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले सभी विशेषज्ञ हैं। गलती सामने आने के बाद विश्वविद्यालय ने तुरंत सुधार करते हुए संशोधित उत्तर कुंजी अपलोड कर दी। प्रोफेसर जोशी ने इस त्रुटि पर खेद भी जताया।
यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।




