जगदलपुर: स्मार्ट मीटर और बिजली बिल के खिलाफ कांग्रेस का अभियान
उत्तर और दक्षिण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की बैठक में तय हुआ कि कार्यकर्ता वार्डों में घर-घर जाकर उपभोक्ताओं से विरोध-पत्र और आवेदन भरवाएंगे।

जगदलपुर में सोमवार को उत्तर और दक्षिण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी की रणनीतिक बैठक हुई, जिसमें बढ़ते बिजली बिल, स्मार्ट मीटर और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना दोबारा लागू करने की मांग को लेकर आंदोलन की रणनीति तय की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि ब्लॉक, मंडल और सेक्टर स्तर के पदाधिकारी और कार्यकर्ता वार्डों में घर-घर जाकर बिजली उपभोक्ताओं से संपर्क करेंगे। इस दौरान बढ़े हुए बिजली बिल, स्मार्ट मीटर और बिजली से जुड़ी अन्य समस्याओं को लेकर उपभोक्ताओं की शिकायतें दर्ज की जाएंगी और उनसे विरोध-पत्र के साथ आवेदन भरवाए जाएंगे।
'योजना बहाल होने तक संघर्ष'
प्रदेश कांग्रेस महामंत्री मलकीत सिंह गैदू ने कहा कि भाजपा सरकार में बिजली बिलों में बढ़ोतरी से आम जनता और मध्यम वर्ग परेशान है। उनके मुताबिक कांग्रेस सरकार की 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना बंद कर लोगों पर आर्थिक बोझ डाला गया है।
गैदू ने कहा कि इसके साथ ही स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगाने पर तत्काल रोक और 400 यूनिट तक बिजली बिल हाफ योजना की बहाली की मांग को लेकर कांग्रेस सड़क पर उतरकर संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि बढ़ते बिजली बिल और स्मार्ट मीटर के खिलाफ पार्टी की लड़ाई निर्णायक होगी और जनता के शोषण के मुद्दे पर कांग्रेस चुप नहीं बैठेगी।
आंदोलन कब तक
कांग्रेस का कहना है कि जब तक जनता को बिजली बिलों में राहत नहीं मिलती और स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर रोक नहीं लगती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। मंडल और सेक्टर स्तर के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी देकर उपभोक्ताओं से जनसंपर्क किया जाएगा और विरोध-पत्र एकत्र किए जाएंगे।
पार्टी का आरोप है कि बढ़ता बिजली बिल आज हर परिवार की चिंता का विषय है और सरकार राहत देने की बजाय महंगाई का बोझ डाल रही है। कांग्रेस ने कहा कि स्मार्ट मीटर के नाम पर आम उपभोक्ताओं का शोषण किया जा रहा है और पार्टी यह लड़ाई हर स्तर पर लड़ेगी।
यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।





