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दुर्ग मनी म्यूलिंग: सीएससी संचालक के खाते में ठगी के 1 लाख

जामुल के सीएससी संचालक चंदन साहू का बैंक खाता होल्ड, चार अन्य संचालकों के खाते भी इसी तरह इस्तेमाल होने का दावा; पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया।

दुर्ग मनी म्यूलिंग: सीएससी संचालक के खाते में ठगी के 1 लाख
फोटो: Rajbhatt · CC BY-SA 3.0

छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले के जामुल में मनी म्यूलिंग का एक मामला सामने आया है, जिसमें एक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) संचालक के बैंक खाते का इस्तेमाल कर साइबर ठगी की रकम घुमाई गई। पुलिस में दर्ज शिकायत के अनुसार, मेडिकल इमरजेंसी का बहाना बनाकर संचालक चंदन साहू के खाते में एक लाख रुपये जमा कराए गए और बाद में यह रकम नकद ले ली गई।

शिकायत के मुताबिक घटना 10 मार्च 2026 की शाम करीब 6:10 बजे की है। चंदन साहू जामुल में बिजली ऑफिस के पास अपने ऑनलाइन सीएससी सेंटर में मौजूद थे। इसी दौरान बानबरद निवासी उषा कोसरे नाम की एक युवती वहां पहुंची और कहा कि उसके घर में मेडिकल इमरजेंसी है, परिजन पैसे भेज रहे हैं लेकिन उसके अपने खाते से रकम नहीं निकल पा रही।

मदद के इरादे से चंदन ने अपना आईडीएफसी फर्स्ट बैंक का खाता नंबर और मोबाइल नंबर दे दिया। आरोप है कि उषा ने तुरंत मोबाइल पर किसी व्यक्ति से बात कर खाते की जानकारी साझा की। कुछ ही देर में यूपीआई के जरिये दो बार 50-50 हजार रुपये, यानी कुल एक लाख रुपये खाते में जमा हो गए। रकम आने के बाद उषा ने पूरी राशि नकद ले ली और वहां से चली गई।

दो दिन बाद खाता होल्ड

12 मार्च को बैंक से चंदन को फोन आया। बैंक अधिकारियों ने बताया कि साइबर ठगी से जुड़े लेनदेन के कारण उनका खाता होल्ड कर दिया गया है। इसके बाद उन्हें पता चला कि जमा की गई रकम कथित तौर पर धोखाधड़ी से जुड़े किसी खाते से भेजी गई थी।

शिकायत में चंदन ने दावा किया है कि इसी तरह चार अन्य सीएससी संचालकों के खातों का भी इस्तेमाल हुआ — देवा साहू के खाते से एक लाख, अखिलेश कुमार के खाते से 50 हजार, बच्चन कुमार के खाते से एक लाख और ईश्वरी देवांगन के खाते से एक लाख रुपये के लेनदेन का उल्लेख है। शिकायतकर्ता के अनुसार 12 मार्च को इन संचालकों के बैंक खाते और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर साइबर सेल की ओर से फ्रीज और ब्लॉक कर दिए गए।

3 प्रतिशत कमीशन का आरोप

चंदन ने पुलिस को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि उषा कोसरे ने रकम आगे अन्य लोगों तक पहुंचाने की बात कही थी। शिकायत में दिनेश मालवीय, लोकेश मालवीय और रिया शुक्ला के नाम भी सामने आए हैं। आरोप है कि पूरी रकम पर करीब 3 प्रतिशत कमीशन लिया गया। 15 मार्च को चंदन को जानकारी मिली कि सरोज देवी के खाते से भी उषा कोसरे से संबंधित लेनदेन हुआ है।

जामुल पुलिस ने लिखित आवेदन का अवलोकन करने के बाद प्रथम दृष्टया भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस संबंधित बैंक खातों के लेनदेन, यूपीआई ट्रांजेक्शन, मोबाइल नंबर और रकम के स्रोत की जांच कर रही है, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि इस नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है और रकम कहां से आई तथा आगे कहां पहुंचाई गई।

यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।

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