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रिज क्षेत्र में बिना मंजूरी एसटीपी, जल बोर्ड पर ₹1.50 करोड़

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने वसंत कुंज के स्मृति वन में संरक्षित रिज क्षेत्र के भीतर बिना मंजूरी एसटीपी चलाने पर दिल्ली जल बोर्ड पर 1 करोड़ 50 लाख 60 हजार रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया है।

रिज क्षेत्र में बिना मंजूरी एसटीपी, जल बोर्ड पर ₹1.50 करोड़
फोटो: Sumita Roy Dutta · CC BY-SA 4.0

दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी) ने वसंत कुंज के स्मृति वन स्थित मछली तालाब में संरक्षित रिज क्षेत्र के भीतर बिना जरूरी मंजूरी सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) लगाने और चलाने पर दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) पर 1 करोड़ 50 लाख 60 हजार रुपये का पर्यावरण मुआवजा लगाया है। समिति ने प्लांट के संचालन की अनुमति भी रद्द कर दी है।

यह जानकारी डीपीसीसी ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में दाखिल अपनी रिपोर्ट में दी है। मामले की सुनवाई के दौरान एनजीटी में यह सवाल उठा था कि संरक्षित रिज क्षेत्र में जल बोर्ड को एसटीपी लगाने की अनुमति किस आधार पर दी गई थी।

डीडीए ने बताया संरक्षित क्षेत्र

रिपोर्ट के अनुसार, दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने 3 नवंबर 2025 को स्पष्ट किया कि स्मृति वन में लगा 1100 किलोलीटर प्रतिदिन (केएलडी) क्षमता का डिसेंट्रलाइज्ड सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (डीएसटीपी) संरक्षित साउथ-सेंट्रल रिज क्षेत्र में आता है।

इसके बाद डीपीसीसी ने 2 फरवरी को डीजेबी को दी गई प्लांट लगाने की स्थापना सहमति वापस ले ली। अगले दिन, 3 फरवरी को प्लांट चलाने की अनुमति के लिए डीजेबी का आवेदन भी खारिज कर दिया गया।

तीन साल से बिना मंजूरी संचालन

डीपीसीसी के मुताबिक, डीजेबी ने 20 अक्तूबर 2022 से इस प्लांट को बिना वैध पर्यावरणीय मंजूरी के संचालित किया। जांच में यह भी सामने आया कि ट्रीटमेंट के बाद निकलने वाले पानी में बायोकेमिकल ऑक्सीजन डिमांड (बीओडी), कुल निलंबित ठोस पदार्थ और केमिकल ऑक्सीजन डिमांड (सीओडी) निर्धारित मानकों से अधिक थे।

दिल्ली का रिज क्षेत्र संरक्षित वन श्रेणी में आता है, जहां निर्माण और परियोजनाओं के लिए विशेष मंजूरी जरूरी होती है।

यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।

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