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जस्टिस वर्मा नकदी मामला: जांच रिपोर्ट आज लोकसभा में

जस्टिस यशवंत वर्मा के सरकारी आवास से कथित जली हुई नकदी मिलने के मामले की तीन सदस्यीय समिति की रिपोर्ट 12 अगस्त को लोकसभा के पटल पर रखी जाएगी।

जस्टिस वर्मा नकदी मामला: जांच रिपोर्ट आज लोकसभा में
फोटो: Rajeshodayanchal · CC BY-SA 4.0

जस्टिस यशवंत वर्मा के दिल्ली स्थित सरकारी आवास से कथित तौर पर बिना हिसाब की नकदी मिलने के मामले की जांच रिपोर्ट बुधवार, 12 अगस्त को लोकसभा में रखी जाएगी।

लोकसभा की कार्यसूची के मुताबिक सदन के महासचिव जांच रिपोर्ट के दो खंड और मौखिक साक्ष्य सदन के पटल पर रखेंगे। तीन सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट मई में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को सौंप दी थी। यह कार्रवाई न्यायाधीश जांच अधिनियम, 1968 के तहत जरूरी प्रक्रिया का हिस्सा बताई गई है।

आवास पर क्या हुआ था

14 मार्च 2025 की रात जस्टिस वर्मा के दिल्ली स्थित सरकारी आवास में आग लग गई थी। आग बुझाने पहुंचे दमकलकर्मियों ने कथित तौर पर एक स्टोर रूम में बड़ी मात्रा में जली हुई करेंसी देखी थी। उस समय जस्टिस वर्मा दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश थे। विवाद सामने आने के बाद उन्हें उनके मूल उच्च न्यायालय, इलाहाबाद उच्च न्यायालय, वापस भेज दिया गया।

आंतरिक जांच और संसदीय प्रक्रिया

तत्कालीन प्रधान न्यायाधीश संजीव खन्ना की ओर से गठित आंतरिक समिति ने कहा था कि जस्टिस वर्मा का उस स्टोर रूम पर सक्रिय या मौन नियंत्रण था, जहां नकदी छिपी होने की बात सामने आई। जुलाई 2025 में 200 से ज्यादा सांसदों ने उन्हें पद से हटाने के प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए थे, जिसके बाद लोकसभा अध्यक्ष ने तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की।

इस्तीफे के बाद क्या

संसद से हटाए जाने की संभावना के बीच जस्टिस वर्मा ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायाधीश पद से इस्तीफा दे दिया, जिससे उन्हें हटाने की संसदीय कार्यवाही व्यावहारिक रूप से निष्प्रभावी हो गई। हालांकि उनके इस्तीफे की अधिसूचना कानून मंत्रालय की ओर से अभी जारी नहीं हुई है।

प्रक्रिया से परिचित लोगों के मुताबिक, शीर्ष अदालत के एक फैसले के अनुसार कोई न्यायाधीश राष्ट्रपति को इस्तीफा सौंपने और उसकी प्रति सार्वजनिक होने के बाद इस्तीफा दे चुका माना जाता है, और ऐसा इस्तीफा राष्ट्रपति की मंजूरी पर निर्भर नहीं माना जाता। रिपोर्ट सदन में रखे जाने के बाद ही सामने आएगा कि जांच समिति के निष्कर्ष क्या हैं।

यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।

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