जर्जर आंगनबाड़ी भवन में बच्चों की जान खतरे में, जांच की मांग
बिलासपुर के दर्राभांठा में नए भवन का फंड जारी होने के बावजूद निर्माण अधूरा, ग्रामीणों ने कलेक्टर से जांच की मांग की

बिलासपुर जिले के मस्तूरी विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत दर्राभांठा में एक जर्जर भवन में आंगनबाड़ी संचालित हो रही है, जिससे बच्चों की जान को खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य में अनियमितता और सरकारी राशि के दुरुपयोग की जांच की मांग करते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल को ज्ञापन सौंपा है।
ग्रामीणों के अनुसार, नए आंगनबाड़ी भवन के निर्माण के लिए सरकारी फंड जारी होने के बावजूद कार्य अधूरा पड़ा है, जिस कारण बच्चों को अब भी पुराने जर्जर भवन में बैठना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने इस मामले में जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मंगलवार को आयोजित कलेक्टर जनदर्शन में इसके अलावा भी कई शिकायतें सामने आईं। कोटा विकासखंड के रैनपुर कर्रा निवासी भरत लाल केंवट ने आम निस्तारी रास्ते पर अवैध कब्जे की शिकायत की, जिससे किसानों के ट्रैक्टर और वाहनों के आवागमन में परेशानी हो रही है। नयापारा की गजबाई कुर्रे ने श्रमिक कार्ड में त्रुटि के कारण योजनाओं का लाभ न मिलने की समस्या बताई।
रमतला निवासी बलहीन बाई ने बिजली करंट से इलाज पर हुए खर्च के लिए आर्थिक सहायता मांगी, वहीं रतनपुर की देहुती बाई ने बंद राशन कार्ड दोबारा चालू कराने का अनुरोध किया। बिलासपुर के तिलक नगर निवासी योगेश दीक्षित ने बिजली गिरने से क्षतिग्रस्त हुए पुराने नारियल पेड़ को हटाने की मांग की।
रतनपुर के रामकुमार मण्डलोई ने बताया कि स्टेट बैंक द्वारा एनओसी जारी होने के बावजूद उनकी संपत्ति के मूल दस्तावेज वापस नहीं किए गए। तखतपुर के पेखन राम यादव ने सड़क चौड़ीकरण में अधिग्रहित भूमि का मुआवजा मांगा, जबकि रतनपुर के भरत सिंह ने अपनी नाले में डूब क्षेत्र में आई कृषि भूमि का मुआवजा मांगा।
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कई मामलों में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल और एडीएम शिव कुमार बैनर्जी ने भी शिकायतें सुनकर संबंधित विभागों को आवेदन भेजे।
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