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राजस्थान: दीमक खा गए किसान के 5 लाख रुपये, बैंक ने नहीं बदले नोट

बालोतरा जिले के किसान मांगीलाल मेघवाल ने जमीन बेचकर मिले पैसे खेत में गाड़ दिए थे, एक साल बाद निकाले तो दीमक ने नोट चट कर दिए थे

राजस्थान: दीमक खा गए किसान के 5 लाख रुपये, बैंक ने नहीं बदले नोट
फोटो: Ashish.upadhyay371 · CC BY-SA 3.0

राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा के पास नेवाई गांव में एक किसान को दीमक की वजह से 5 लाख रुपये का भारी नुकसान झेलना पड़ा है। किसान मांगीलाल मेघवाल ने एक साल पहले अपनी जमीन का एक टुकड़ा बेचकर 5 लाख रुपये पाए थे। चोरी के डर और इस चिंता से कि कहीं उनके बेटे यह पैसा खर्च न कर दें, उन्होंने घर के बजाय पैसों को अपने खेत में एक गड्ढे में प्लास्टिक बैग में भरकर छिपा दिया।

मांगीलाल ने यह बात अपनी पत्नी और बच्चों तक को नहीं बताई कि पैसे कहां छिपाए हैं। महीनों बाद जब खेत में एक कमरा बनवाने के लिए उन्हें पैसों की जरूरत पड़ी, तो वह जगह याद नहीं आई। अपने 10 बीघा के खेत में हर जगह खोजने के बावजूद पैसे नहीं मिले। आखिरकार उन्होंने परिवार को पूरी सच्चाई बताई, लेकिन सबके मिलकर ढूंढ़ने पर भी कुछ हाथ नहीं लगा।

लगभग एक साल बाद मॉनसून के दौरान खेत में कैश से भरा एक खराब बैग मिल गया। जब परिवार ने उसे खोला तो पाया कि नोटों के बंडल में दीमक लग चुकी है। 500 रुपये के ज्यादातर नोट बुरी तरह खराब हो चुके थे और फटकर टुकड़े-टुकड़े हो गए थे।

परिवार खराब हुए नोटों को इकट्ठा कर पचपदरा में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की शाखा में गया, इस उम्मीद के साथ कि कम से कम कुछ रकम तो वापस मिल जाए। लेकिन नोटों की हालत इतनी खराब थी कि बैंक अधिकारियों ने उन्हें बदलने से मना कर दिया। परिवार एसबीआई की मुख्य शाखा भी गया, लेकिन वहां भी नोट नहीं बदले गए।

भारतीय रिज़र्व बैंक की 'नोट रिफंड नियमावली' के अनुसार दीमक द्वारा खाए गए या फटे-पुराने नोट बदले जा सकते हैं, बशर्ते उन पर सीरियल नंबर, गांधी जी की तस्वीर और गवर्नर के हस्ताक्षर जैसे महत्वपूर्ण हिस्से सुरक्षित और पहचानने योग्य हों। ऐसी स्थिति में बैंक नोट बदलने से मना नहीं कर सकते।

यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।

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