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अंबिकापुर: सुपरवाइजर नौकरी का झांसा देकर युवती से 50 हजार की ठगी

महिला-बाल विकास विभाग में नौकरी लगवाने के नाम पर 4 लाख रुपए मांगे गए थे, एडवांस के 50 हजार लेकर आरोपी मुकर गए, पुलिस ने दर्ज किया केस।

अंबिकापुर: सुपरवाइजर नौकरी का झांसा देकर युवती से 50 हजार की ठगी
फोटो: Indifacts · CC BY-SA 4.0

सरगुजा जिले के अंबिकापुर में महिला-बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर एक युवती से 50 हजार रुपए ठगे जाने का मामला सामने आया है। कोतवाली पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।

अंबिकापुर के बौरीपारा निवासी सोनम जायसवाल ने पुलिस को बताया कि करीब तीन साल पहले महिला-बाल विकास विभाग में सुपरवाइजर पद की भर्ती निकली थी। एमएससी पास सोनम की मुलाकात परिचित दया यादव के माध्यम से सूरजपुर जिले के सलका निवासी विजय गुप्ता से हुई। आरोप है कि विजय ने नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाते हुए इसके बदले 4 लाख रुपए मांगे। सोनम ने यह रकम किस्तों में देने की बात कही।

पुलिस के मुताबिक 26 अगस्त 2023 को विजय गुप्ता के कहने पर डिगमा निवासी संजय घोष सोनम के घर पहुंचा, जहां सोनम की मां मनोरमा जायसवाल ने परिवार के अन्य सदस्यों की मौजूदगी में उसे 50 हजार रुपए दिए। इसके बाद जब चयन सूची जारी हुई तो उसमें सोनम का नाम नहीं था। आरोपियों ने अगली भर्ती में नौकरी लगवाने का भरोसा दिया, लेकिन आज तक नौकरी नहीं लगी।

सोनम के अनुसार, विजय गुप्ता और संजय घोष ने उसके चाचा दिनेश जायसवाल की स्कॉर्पियो गाड़ी भी किराये पर ली थी। दोनों ने बताया था कि वे अधिकारियों के यहां गाड़ियां किराये पर लगाते हैं और हर महीने किराया देंगे। आरोप है कि दोनों ने न तो किराया दिया और न ही गाड़ी वापस की।

शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने विजय गुप्ता और संजय घोष के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 34 (सामूहिक इरादा) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।

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