बेस्ट फूड्स मनी लॉन्ड्रिंग केस: ED ने जितेश गुप्ता को किया गिरफ्तार
इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल जितेश गुप्ता को प्रवर्तन निदेशालय ने PMLA के तहत गिरफ्तार कर विशेष अदालत में पेश किया, कोर्ट ने ED हिरासत में भेजा।

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बेस्ट फूड्स मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए इनसॉल्वेंसी प्रोफेशनल जितेश गुप्ता को 12 अगस्त 2026 को धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के बाद उन्हें PMLA की विशेष अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें आगे की जांच के लिए ED की हिरासत में भेज दिया गया।
जितेश गुप्ता होमस्टेड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट प्राइवेट लिमिटेड और गोल्डन पीकॉक रेज़िडेंस प्राइवेट लिमिटेड की दिवालिया प्रक्रिया में अंतरिम समाधान पेशेवर/समाधान पेशेवर (IRP/RP) की भूमिका में थे। यह मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा बेस्ट फूड्स लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि इन कंपनियों पर नियंत्रण रखने वाले दिनेश गुप्ता ने फर्जी और शेल कंपनियों के जरिए लोन की रकम इधर-उधर भेजकर मनी लॉन्ड्रिंग की।
ED के अनुसार, जितेश गुप्ता ने पहले जिन दावों को फर्जी मानकर खारिज किया था, बाद में उन्हें खुद ही दोबारा स्वीकार कर लिया, जिससे लेनदारों की समिति (Creditors Committee) की संरचना बदल गई। उन पर आरोप है कि उन्होंने दिनेश गुप्ता से जुड़ी एक ऐसी समाधान योजना (Resolution Plan) को आगे बढ़ाने में मदद की, जिसकी फंडिंग भी दिनेश गुप्ता से जुड़ी एक इकाई के जरिए हुई थी।
राष्ट्रीय कंपनी विधि अधिकरण (NCLT) ने 9 सितंबर 2025 के अपने आदेश में जितेश गुप्ता के खिलाफ गंभीर टिप्पणियां करते हुए कहा था कि उन्होंने अपने अधिकार से आगे जाकर काम किया और फर्जी दस्तावेजों पर भरोसा किया। इसके बाद NCLT ने उन्हें समाधान पेशेवर के पद से हटाने का निर्देश दिया था।
जांच में यह भी सामने आया कि जितेश गुप्ता के बैंक खातों में दिनेश गुप्ता, बेस्ट फूड्स लिमिटेड और उससे जुड़ी कंपनियों से जुड़े कई लोगों की ओर से पैसे आए, जिनके बदले कोई वैध काम या सेवा किए जाने का रिकॉर्ड नहीं मिला। ED का कहना है कि जितेश गुप्ता ने जानबूझकर अपराध से हासिल की गई रकम से जुड़ी गतिविधियों को आगे बढ़ाने में मदद की, जिसके आधार पर उनके खिलाफ PMLA की धारा 3 के तहत मामला बनता है। ED ने कहा है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है।
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