बुधवार, 12 अगस्त 2026HI
भारत संस्करण
मनोरंजन

रायपुर: डॉ. शिरोमणि माथुर की 'अंतरज्योति' का विमोचन

विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बालोद की साहित्यकार डॉ. शिरोमणि माथुर की काव्य कृति का विमोचन किया और कहा कि उनकी हर रचना में मां की ममता और छत्तीसगढ़ की माटी की महक महसूस होती है।

रायपुर: डॉ. शिरोमणि माथुर की 'अंतरज्योति' का विमोचन
फोटो: Lookhereindia · CC BY-SA 4.0

बालोद जिले की साहित्यकार, कवयित्री और समाजसेविका डॉ. शिरोमणि माथुर की काव्य कृति 'अंतरज्योति' का विमोचन रायपुर में हुआ। छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विधानसभा अध्यक्ष के निजी सभाकक्ष में आयोजित समारोह में पुस्तक का विमोचन किया।

सम्मान, पुस्तक विमोचन और व्याख्यान का यह कार्यक्रम अगासदिया परिवार और वैभव प्रकाशन ने संयुक्त रूप से आयोजित किया। डॉ. माथुर को शाल, श्रीफल, प्रतीक चिह्न और प्रशस्ति पत्र भेंटकर सम्मानित किया गया।

'साहित्य साधना प्रेरणादायक'

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि डॉ. शिरोमणि माथुर की हर रचना में मां की ममता, छत्तीसगढ़ की माटी की महक और मानवीयता महसूस होती है। उन्होंने कहा कि उम्र के इस पड़ाव में भी उनकी साहित्य साधना लगातार जारी है, जो प्रेरणादायक और वंदनीय है।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि जब उम्र बढ़ने के साथ हाथ कांपने लगते हैं, कदम डगमगाने लगते हैं और आंखें कमजोर होने लगती हैं, तब भी डॉ. माथुर कलम के माध्यम से समाज को दिशा देने का काम कर रही हैं। उन्होंने उन्हें स्वस्थ और दीर्घायु जीवन की शुभकामनाएं दीं।

मंत्री टंकराम वर्मा की अध्यक्षता

कार्यक्रम की अध्यक्षता राजस्व, आपदा प्रबंधन, पुनर्वास एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने की। उन्होंने डॉ. शिरोमणि माथुर और माथुर परिवार के साहित्यिक तथा सामाजिक योगदान को अनुकरणीय बताया। मंत्री ने युवा उद्यमी आशुतोष माथुर की साहित्य और समाजसेवा में रुचि की भी सराहना की।

'प्रेम और शांति का संदेश'

अपनी कृति के बारे में डॉ. माथुर ने कहा कि आज का मनुष्य मानसिक तनाव और संघर्ष से गुजर रहा है। तनाव के कारण लोग अपनों से झगड़ रहे हैं और समाज में हत्या तथा आत्महत्या जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उनके मुताबिक उनकी रचनाओं का उद्देश्य इसी अशांति के बीच प्रेम, शांति और आनंद का संदेश देना है।

उन्होंने कहा कि मनुष्य के भीतर प्रेम मौजूद है, जरूरत सिर्फ उसे बाहर लाने की है। इस दौरान उन्होंने 'अंतरज्योति' की कुछ रचनाओं का पाठ भी किया।

कार्यक्रम में अगासदिया परिवार की ओर से डॉ. रजनी नेल्सन, दिनेश चौहान, साहित्यकार गिरीश पंकज, कैलाशचंद जैन बरमेचा और यमुनोत्री वर्मा को भी सम्मानित किया गया। इस अवसर पर तीन नई साहित्यिक कृतियों का विमोचन भी हुआ।

यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।

छत्तीसगढ़बालोदरमन सिंहसाहित्यअंतरज्योतिरायपुर
रायपुर: डॉ. शिरोमणि माथुर की 'अंतरज्योति' का विमोचन | Indian Dispatch