ब्रैड पिट- AI से मिड-बजट फिल्में बनाने में मदद मिलेगी
हॉलीवुड अभिनेता ने 'एस्क्वायर' को दिए इंटरव्यू में कहा कि क्रिएटिव टूल के तौर पर इस्तेमाल होने पर एआई 4 से 9 करोड़ डॉलर बजट वाली फिल्मों को पर्दे पर लाने में मददगार हो सकता है।

हॉलीवुड अभिनेता ब्रैड पिट का मानना है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) मिड-बजट फिल्मों के निर्माण को फिर से रफ्तार देने में मदद कर सकता है। हालांकि उन्होंने इस तकनीक से कलाकारों की परफॉर्मेंस की नकल किए जाने को लेकर सतर्कता भी जताई।
समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, पिट ने पत्रिका 'एस्क्वायर' को दिए हालिया इंटरव्यू में कहा कि अगर एआई का इस्तेमाल एक क्रिएटिव टूल की तरह किया जाए तो यह महंगे विजुअल इफेक्ट्स को आसान बनाकर 4 से 9 करोड़ डॉलर (40 से 90 मिलियन डॉलर) बजट वाली फिल्मों को पर्दे पर लाने में मदद कर सकता है।
(अनूदित) उन्होंने कहा, 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का काफी विरोध हो रहा है, लेकिन अगर इसे एक टूल की तरह इस्तेमाल किया जाए, तो यही चीज 40 से 90 मिलियन डॉलर के बजट वाली इन मिड-बजट फिल्मों को बनाने में मदद करेगी।'
परफॉर्मेंस की नकल पर मिली-जुली राय
पिट ने कहा कि किसी अभिनेता की परफॉर्मेंस को दोबारा तैयार करने के लिए एआई के इस्तेमाल पर उनकी भावनाएं मिली-जुली हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या एआई उनकी किसी परफॉर्मेंस की नकल कर सकता है, उन्होंने कहा कि नतीजा इस पर निर्भर करेगा कि तकनीक को कौन निर्देशित कर रहा है और क्रिएटिव फैसले क्या लिए जा रहे हैं।
(अनूदित) अभिनेता ने कहा, 'यह इस बात पर निर्भर करता है कि इसे कौन बना रहा है। इसके पीछे कौन है, कहानी कौन सुना रहा है। मैं उसमें यह इमोशन देखना चाहता हूं। फिर एआई जो कुछ भी देता है, उसमें से सही चीज चुनकर कहता है, इस दिशा में और काम करो।' उन्होंने जोड़ा, 'वे ऐसा कर तो सकते हैं, लेकिन हो सकता है कि फाइनल प्रोडक्ट मेरी पसंद के मुताबिक न हो' और 'उसमें वे चीजें न हों, जो मैंने उस काम के दौरान खोजी और पाई थीं।'
बॉडी स्कैनिंग पर चिंता
पिट ने फिल्मों में एआई के इस्तेमाल को एक बहुत दिलचस्प प्रयोग बताया। उन्होंने विजुअल इफेक्ट्स के लिए कलाकारों की बॉडी स्कैनिंग के बढ़ते चलन पर भी बात की। उनके मुताबिक, बॉडी स्कैन का इस्तेमाल स्टंट, लड़ाई के दृश्यों और उम्र कम दिखाने (डी-एजिंग) के लिए किया जा सकता है, लेकिन इससे कलाकारों के मन में ओनरशिप, लाइसेंसिंग और भविष्य में उनके डिजिटल रूप के इस्तेमाल को लेकर चिंताएं भी पैदा हुई हैं।
यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।




