सरकार की 'वन डे-वन यूनिवर्सिटी' योजना, रोज जाएंगे मंत्री
जंतर-मंतर विरोध प्रदर्शन के बाद मोदी सरकार ने छात्रों से सीधे संवाद के लिए रोज एक यूनिवर्सिटी में केंद्रीय मंत्री भेजने की योजना बनाई है।

मोदी सरकार युवाओं और खासकर जेन-Z छात्रों से सीधे जुड़ने के लिए 'वन डे, वन यूनिवर्सिटी' कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी में है। इस योजना के तहत हर दिन एक केंद्रीय मंत्री किसी एक विश्वविद्यालय में जाएगा और छात्रों से उनकी चिंताओं तथा देश से जुड़े मुद्दों पर बातचीत करेगा।
न्यूज एजेंसी पीटीआई के सूत्रों के अनुसार, मंत्री छात्रों की राय सुनेंगे और खासकर युवाओं के लिए चल रही सरकारी योजनाओं की जानकारी देंगे। इसके जरिए सरकार जेन-Z के साथ सीधा संवाद स्थापित करना चाहती है।
सूत्रों के मुताबिक, शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी और युवा मामले एवं खेल मंत्री मनसुख मांडविया को यूनिवर्सिटी दौरे पर जाने वाले मंत्रियों के साथ तालमेल बिठाने की जिम्मेदारी दी गई है। हालांकि मंत्रियों के दौरे का पूरा कार्यक्रम अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। बैठक में मंत्रियों की सोशल मीडिया पोस्ट की पहुंच बढ़ाने पर भी चर्चा हुई, ताकि युवाओं तक संदेश बेहतर तरीके से पहुंच सके।
यह फैसला 20 जुलाई को दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च के दौरान पुलिस लाठीचार्ज के बाद बढ़े विरोध प्रदर्शनों के बाद लिया गया है। इस घटना के बाद सरकार को व्यापक विरोध का सामना करना पड़ा और विपक्ष ने संसद के मानसून सत्र में कार्यवाही बाधित की थी। इसी के बाद 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा दे दिया था।
NEET पेपर लीक के मुद्दे पर जंतर-मंतर पर हो रहे विरोध प्रदर्शन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर कई वीडियो जारी कर जेन-जी को संबोधित किया था। एक वीडियो में उन्होंने उन छात्रों को माफ करने की बात भी कही थी जिन्होंने प्रदर्शन के दौरान उन्हें गाली दी थी।
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