30 महीने बाद लार्जकैप फंड से निकासी, स्मॉलकैप में रिकॉर्ड निवेश
जुलाई में इक्विटी म्यूचुअल फंड में कुल निवेश 15 फीसदी घटकर 24,697 करोड़ रुपये रह गया, जबकि एसआईपी निवेश रिकॉर्ड 31,961 करोड़ रुपये पर पहुंच गया।

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और ऊंचे मूल्यांकन के बीच म्यूचुअल फंड निवेशकों के रुख में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। जुलाई में इक्विटी म्यूचुअल फंड में कुल निवेश 15 फीसदी घटकर 24,697 करोड़ रुपये रह गया।
सबसे अहम बात यह रही कि 30 महीने बाद पहली बार लार्जकैप फंड से निवेशकों ने पैसा निकाला। इस श्रेणी से जुलाई में 1,321 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी हुई।
इसके उलट स्मॉलकैप फंड में रिकॉर्ड 7,767 करोड़ रुपये का निवेश आया। आंकड़ों के मुताबिक निवेशकों ने लार्जकैप से पैसा निकालकर स्मॉलकैप और मिडकैप श्रेणी का रुख किया।
एसआईपी पर भरोसा कायम
कुल इक्विटी निवेश घटने के बावजूद व्यवस्थित निवेश योजना (एसआईपी) पर निवेशकों का भरोसा मजबूत बना हुआ है। जुलाई में एसआईपी के जरिये निवेश रिकॉर्ड 31,961 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो लगातार बढ़ते मासिक योगदान को दर्शाता है।
क्या लार्जकैप से दूरी बन रही है?
बाजार में यह सवाल उठ रहा है कि क्या निवेशक वाकई लार्जकैप श्रेणी से दूर हो रहे हैं, या यह सिर्फ मुनाफावसूली और निवेश रणनीति में बदलाव का संकेत है। लार्जकैप फंड आमतौर पर बड़ी और स्थापित कंपनियों में निवेश करते हैं और इन्हें तुलनात्मक रूप से कम जोखिम वाला माना जाता है, जबकि स्मॉलकैप और मिडकैप में जोखिम के साथ ऊंचे रिटर्न की संभावना जुड़ी होती है।
जानकारों के लिए यह रुझान इस लिहाज से अहम है कि लगातार ढाई साल तक लार्जकैप में शुद्ध निवेश आने का सिलसिला जुलाई में टूटा है। वहीं स्मॉलकैप में आया रिकॉर्ड निवेश दिखाता है कि ऊंचे मूल्यांकन के बीच भी छोटे शेयरों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी हुई है।
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