गलत खाते में पैसे चले गए? ये कदम तुरंत उठाएं
ऑनलाइन बैंकिंग या यूपीआई से गलत खाते में रकम चली जाए तो सबसे पहले बैंक को सूचना दें — जितनी जल्दी शिकायत, वापसी की संभावना उतनी ज्यादा।

ऑनलाइन बैंकिंग और यूपीआई के बढ़ते इस्तेमाल के बीच जल्दबाजी में गलत खाते में पैसे भेज देने की शिकायतें आम हैं। ऐसी स्थिति में घबराने की जगह तय प्रक्रिया के तहत शिकायत दर्ज कराना जरूरी है, क्योंकि समय रहते उठाए गए कदम से रकम वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है।
सबसे पहले क्या करें
सबसे पहले अपने बैंक की कस्टमर केयर या नजदीकी शाखा से संपर्क करना चाहिए और ट्रांजैक्शन आईडी, तारीख, समय तथा राशि की जानकारी देनी चाहिए। अगर भुगतान यूपीआई से किया गया है, तो संबंधित ऐप में 'रेज कम्प्लेंट' या 'रिपोर्ट एन इश्यू' का विकल्प इस्तेमाल किया जा सकता है।
शिकायत के समय लेन-देन की रसीद और स्क्रीनशॉट काम आते हैं, इसलिए इन्हें संभालकर रखना चाहिए। बैंक को यह भी बताना चाहिए कि पैसा किस खाते में गया है, ताकि वह संबंधित बैंक से संपर्क कर सके।
बैंक कितनी मदद कर सकता है
अगर रकम किसी वैध खाते में गलती से चली गई है, तो बैंक आपकी ओर से उस खाताधारक से संपर्क कर सकता है। लेकिन खाताधारक की सहमति के बिना बैंक सीधे उसके खाते से पैसा वापस नहीं निकाल सकता। इसी वजह से शिकायत में देरी नुकसानदेह हो सकती है।
धोखाधड़ी की आशंका हो तो
अगर धोखाधड़ी का संदेह है या किसी फर्जीवाड़े के कारण पैसा गया है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। यूपीआई से जुड़े मामले में बैंक से समाधान न मिलने पर डिजिटल पेमेंट सिस्टम के जरिए भी शिकायत की जा सकती है। तय समय में बैंक समाधान न दे, तो भारतीय रिज़र्व बैंक में शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
सावधानी ज्यादा जरूरी
किसी को पैसे भेजने से पहले खाता नंबर, आईएफएससी कोड और यूपीआई आईडी को कम से कम एक बार जांच लेना चाहिए। छोटी सावधानी बड़ी वित्तीय परेशानी से बचा सकती है।
यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।




