कोरबा: मानिकपुर विस्तार परियोजना की जनसुनवाई स्थगित
मुआवजा और पुनर्वास पर पहले चर्चा की मांग के बाद कलेक्टर के निर्देश पर एसईसीएल ने जनसुनवाई टाली।
कोरबा में एसईसीएल की मानिकपुर विस्तार परियोजना की 21 अगस्त को प्रस्तावित पर्यावरणीय जनसुनवाई को अगले आदेश तक स्थगित कर दिया गया है। यह फैसला जिला कलेक्टर के निर्देश पर लिया गया है।
एसईसीएल के पीआरओ डॉ. शनिश चंद्र ने स्थगन की पुष्टि करते हुए बताया कि जनसुनवाई को लेकर कई आपत्तियां दर्ज कराई गई थीं, जिनमें पुराने लंबित मुद्दों पर पहले चर्चा करने की मांग की गई थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन बिंदुओं पर आपत्तियां और मांगें हैं, उन पर पहले चर्चा की जाएगी, इसके बाद ही जनसुनवाई की नई तिथि और प्रक्रिया तय होगी।
इससे पहले पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल, उद्योग मंत्री लखन लाल देवांगन, श्रमिक संगठनों और प्रभावित गांवों के ग्रामीणों ने जनसुनवाई के विरोध में मोर्चा खोल दिया था। ग्रामीणों का कहना था कि 1964 में जमीन का अधिग्रहण हुआ था, लेकिन कई परिवारों को आज तक उचित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार नहीं मिला है। उद्योग मंत्री देवांगन ने भी एसईसीएल अधिकारियों को पहले मुआवजा, पुनर्वास और पुनर्स्थापना सुनिश्चित करने का निर्देश दिया था।
दादर खुर्द वार्ड क्रमांक 34 के ग्रामीणों और भू-विस्थापित संगठन ने घर-घर जाकर लोगों को जानकारी देकर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया था।
इस बीच पार्षदगण और बीएमएस यूनियन प्रतिनिधियों ने मानिकपुर के महाप्रबंधक सुशील गर्ग से मुलाकात कर मांग रखी कि क्षेत्र की सभी निजी कंपनियों में पहले भूमि विस्थापितों को रोजगार दिया जाए। बैठक में लगभग 500 लोगों को निजी कंपनियों में नौकरी देने और भूमि विस्थापितों को ठेकेदारी में प्राथमिकता देने पर सहमति बनी।
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