धमतरी: महानदी तट पर काशी की तर्ज पर गंगा महाआरती
रुद्रेश्वर घाट पर सावन के दूसरे सोमवार को सात पंडितों ने 51-51 दीपों से महानदी की आरती की, देर रात तक श्रद्धालुओं की भीड़ जुटी रही।

छत्तीसगढ़ के धमतरी में महानदी तट पर स्थित रुद्रेश्वर घाट पर सावन के दूसरे सोमवार को भव्य गंगा महाआरती का आयोजन किया गया। काशी की तर्ज पर हुए इस आयोजन में पंडितों ने विधि-विधान से पूजा की और आतिशबाजी के बीच 'हर-हर महादेव' के जयकारे गूंजते रहे।
आयोजकों के मुताबिक धमतरी जिले में महानदी तट पर इस तरह का भव्य आयोजन पहली बार किया जा रहा है। शाम 6 बजे से ही घाट पर श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी थी और कार्यक्रम देर रात तक चला। धरसींवा विधायक अनुज शर्मा मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।
51 दीपों से आरती
आरती स्थल को तिरंगे की थीम पर सजाया गया था। सात पंडितों ने प्रत्येक 51 दीपों से महानदी की आरती की। इस दौरान बच्चों ने देशभक्ति और शिव गीतों पर रंगारंग प्रस्तुतियां दीं।
श्रद्धालुओं ने कहा कि इस आयोजन में शामिल होना उनके लिए सौभाग्य की बात है। कुछ लोगों ने कहा कि महानदी के तट पर ऐसा माहौल बन रहा है, जैसा कैलाश पर्वत पर भगवान शिव की आराधना के समय बनता है। श्रद्धालुओं के मुताबिक महानदी, जिसे चित्रोत्पला गंगा भी कहा जाता है, इस समय ऐसी लग रही है मानो वह भगवान शंकर की जटाओं से होकर बह रही हो।
विधायक अनुज शर्मा ने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन धमतरी में ही देखने को मिल सकते हैं। उन्होंने कहा कि धमतरी की पहचान ही धर्म और धार्मिक आस्था से जुड़ी हुई है।
पुजारी दक्ष कुमार उपाध्याय ने बताया कि जिस तरह पिछले दो सोमवार को भव्य गंगा आरती हुई, उसी तरह सावन के बाकी सोमवार को भी अलग-अलग तरीके से आरती कराई जाएगी। आयोजन सावन के चौथे सोमवार तक जारी रहेगा। श्रद्धालुओं ने उम्मीद जताई कि यह परंपरा आगे भी कई सालों तक चलती रहे।
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