अबूझमाड़: एंबुलेंस नहीं पहुंची, जवान बाइक पर ले गए गर्भवती
नारायणपुर जिले के अति संवेदनशील गांव कुड़मेल से डीआरजी के तीन जवानों ने प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को पथरीले रास्तों से बाइक पर ओरछा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया; मां और बच्चा सुरक्षित।

नारायणपुर। अबूझमाड़ के अति संवेदनशील गांव कुड़मेल में एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, लेकिन भौगोलिक हालात के कारण गांव तक एंबुलेंस पहुंचना संभव नहीं था। ऐसे में डीआरजी के जवानों ने महिला को बाइक पर बैठाकर पथरीले रास्तों से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओरछा पहुंचाया।
जानकारी के मुताबिक कुड़मेल कैंप में तैनात जवानों को महिला की हालत की सूचना मिली थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाना जरूरी था, मगर रास्ते ऐसे नहीं थे कि कोई वाहन गांव तक जा सके।
कैंप में तैनात प्रधान आरक्षक बोमडू राम वेंजाम, बस्तर फाइटर आरक्षक रामलाल शोरी और आरक्षक सुरेश बेलसरिया ने तुरंत रेस्क्यू शुरू किया। तीनों जवान अपनी बाइक से महिला को लेकर ओरछा अस्पताल के लिए निकले।
समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण महिला को तुरंत इलाज मिल गया। मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। इलाके में जवानों के इस काम की तारीफ हो रही है।
पुलिस अधीक्षक संदीप पटेल ने कहा कि संकट के समय ग्रामीणों की मदद करना प्राथमिकता है और जीवन बचाना भी प्राथमिकता है।
अबूझमाड़ का यह हिस्सा दुर्गम रास्तों और सीमित सड़क संपर्क के लिए जाना जाता है, जहां स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंचना ग्रामीणों के लिए बड़ी चुनौती बनी रहती है।
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