दंतेवाड़ा: कुत्तों से बचने कलेक्ट्रेट पहुंचा माउस डियर, रेस्क्यू
कुत्तों के डर से भागकर दंतेवाड़ा कलेक्ट्रेट परिसर में घुसा दुर्लभ माउस डियर, वन विभाग ने रेस्क्यू कर बचेली के जंगल में छोड़ा।

छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में एक माउस डियर (छोटे प्रजाति का हिरण) जंगल से भटककर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय में घुस गया। जानकारी के अनुसार, कुत्ते उसका पीछा कर उसे काटने के लिए दौड़ा रहे थे, जिससे जान बचाने के लिए वह लगातार भागता रहा और कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंच गया।
सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और माउस डियर को सुरक्षित रेस्क्यू किया। रेस्क्यू के बाद पशु चिकित्सा अधिकारी से उसका स्वास्थ्य परीक्षण कराया गया। आवश्यक उपचार और देखरेख के बाद वनकर्मियों ने उसके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी। स्वस्थ पाए जाने पर उसे बचेली वन क्षेत्र में सुरक्षित रूप से छोड़ दिया गया।
यह हिरण एक दुर्लभ प्रजाति का है। इसका वजन करीब 3 किलो और लंबाई लगभग 57.5 सेंटीमीटर होती है। भारत में हिरणों की 12 प्रजातियां पाई जाती हैं, इनमें माउस डियर दुनिया के सबसे छोटे हिरणों में से एक है। भारतीय माउस डियर (Moschiola indica) आमतौर पर घने झाड़ियों और नमी वाले जंगलों में पाए जाते हैं। इनके शरीर में चूहे, सुअर और हिरण जैसी कई विशेषताएं दिखाई देती हैं। माउस डियर हिरणों का ऐसा समूह है, जिसके सींग नहीं होते।
वन विभाग ने अपील की है कि आबादी वाले क्षेत्र में यदि कोई वन्यजीव दिखाई दे तो लोग उसे पकड़ने, भगाने या उसके पास जाने की कोशिश न करें। वन्यजीव के दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना दें, ताकि प्रशिक्षित वनकर्मियों की टीम मौके पर पहुंचकर उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर सके।
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