चंडीगढ़ में बिजली शिकायतें अब तय समय में होंगी दूर, देरी पर अफसर पर जुर्माना
पंजाब राइट टू सर्विस एक्ट 2011 के तहत चंडीगढ़ में बिजली से जुड़ी 15 सेवाओं के लिए समय सीमा तय, फ्यूज उड़ने पर 4 घंटे में समाधान अनिवार्य।

चंडीगढ़ में बिजली से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए अब निश्चित समय सीमा तय कर दी गई है। चंडीगढ़ प्रशासन ने 15 सेवाओं को पंजाब राइट टू सर्विस एक्ट 2011 के दायरे में लाते हुए इनके लिए तय समय के भीतर काम पूरा करने का आदेश जारी किया है। इसके तहत बिजली फ्यूज उड़ने पर 4 घंटे में समस्या ठीक करनी होगी, जबकि किसी भी नियोजित बिजली कटौती की सूचना उपभोक्ताओं को 24 घंटे पहले देनी होगी।
ये सभी नियम बिजली आपूर्ति का काम देख रही एजेंसी चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (CPDL) की सेवाओं पर लागू होंगे। हर सेवा की निगरानी के लिए अलग-अलग अधिकारी तय किए गए हैं, ताकि तय समय सीमा में काम पूरा हो सके।
अगर कोई अधिकारी तय समय में सेवा उपलब्ध कराने में विफल रहता है, तो उसके खिलाफ भी शिकायत दर्ज की जा सकेगी और अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी। ऐसे मामलों में जुर्माने की राशि संबंधित अधिकारी को अपनी जेब से भरनी पड़ सकती है। प्रशासन ने 8 मार्च 2022 को जारी पुरानी अधिसूचना को रद्द कर उसकी जगह यह नई अधिसूचना लागू की है।
नए आदेश के बाद बिजली उपभोक्ताओं को शिकायत निवारण के लिए स्पष्ट अपील व्यवस्था भी मिलेगी। यदि तय समय सीमा में सेवा नहीं मिलती, तो सबसे पहले संबंधित नामित अधिकारी (SDO) से शिकायत की जा सकती है। इसके बाद समाधान न होने पर उपभोक्ता डिवीजन हेड के पास पहली अपील और फिर सर्कल हेड के पास दूसरी अपील कर सकते हैं। पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए CPDL के विभागाध्यक्ष को नोडल अधिकारी बनाया गया है।
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