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चीन ने पहली बार जमीन पर उतारा रॉकेट का हिस्सा

झूछ्वे-3 रॉकेट के पहले चरण की सफल लैंडिंग के साथ चीन ने पुनः प्रयोग योग्य रॉकेट तकनीक में बड़ी छलांग लगाई है।

चीन ने पहली बार जमीन पर उतारा रॉकेट का हिस्सा
फोटो: Shujianyang · CC BY-SA 4.0

चीन ने पहली बार अपने झूछ्वे-3 रॉकेट के पहले चरण को जमीन पर सफलतापूर्वक वापस उतारा है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले इस रॉकेट को बुधवार सुबह छोड़ा गया और उड़ान के बाद इसके पहले हिस्से को सुरक्षित रूप से जमीन पर वापस उतार लिया गया।

यह जमीन पर रॉकेट का हिस्सा वापस उतारने की चीन की पहली सफल कोशिश है, लेकिन रॉकेट के किसी हिस्से को दोबारा हासिल करने की यह दूसरी सफलता है। इससे पहले 10 जुलाई को लॉन्ग मार्च-10बी रॉकेट का पहला हिस्सा उड़ान के बाद अलग होकर समुद्र में बने एक प्लेटफॉर्म पर उतरा था, जहां उसे जाल से पकड़ने वाली व्यवस्था के जरिए वापस हासिल किया गया था।

शिन्हुआ ने बताया कि बुधवार की लैंडिंग में चीन ने पहली बार खुलने वाले लैंडिंग पैर का इस्तेमाल किया, जिसे एजेंसी ने पुनः प्रयोग योग्य रॉकेट तकनीक में एक बड़ी सफलता बताया।

एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स और जेफ बेजोस की कंपनी ब्लू ओरिजिन 2015 से रॉकेटों को वापस उतार रही हैं। इस तकनीक से उन हिस्सों को दोबारा इस्तेमाल करने में मदद मिली है, जिन्हें पहले पहले इस्तेमाल के बाद फेंक दिया जाता था, जिससे अंतरिक्ष में उपग्रह और अन्य सामान भेजने की लागत कम हुई है।

चीन से एक दिन पहले, 11 जुलाई को जापान ने भी दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले एक प्रयोगात्मक रॉकेट की पहली परीक्षण उड़ान की थी, जिसमें रॉकेट सुरक्षित तरीके से जमीन पर वापस उतरा था। जापान का मकसद भी अंतरिक्ष में रॉकेट भेजने की लागत कम करना और वैश्विक अंतरिक्ष बाजार में बड़ी ताकतों से मुकाबला करना है।

यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।

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