गूगल मैप्स का Traffic Layer फीचर बचाएगा जाम और जलभराव से
बारिश के मौसम में सड़कों की लाइव स्थिति दिखाकर गूगल मैप्स का यह फीचर आपको जाम और जलभराव वाले रास्तों से बचने में मदद कर सकता है।

बारिश के दिनों में अंडरपास में पानी भरने, पेड़ गिरने या गाड़ियां खराब होने से लोग अक्सर लंबे ट्रैफिक जाम में फंस जाते हैं। ऐसे में गूगल मैप्स का Traffic Layer फीचर काफी मददगार साबित हो सकता है, जो सड़कों की लाइव स्थिति दिखाता है।
यह फीचर मैप पर सड़क के ट्रैफिक को अलग-अलग रंगों में दिखाता है। हरा रंग बताता है कि रास्ता साफ है और ट्रैफिक सामान्य गति से चल रहा है। पीला या नारंगी रंग दिखाता है कि ट्रैफिक बढ़ा हुआ है और वाहनों की रफ्तार धीमी है। लाल रंग भारी ट्रैफिक या जाम का संकेत है। अगर किसी सड़क पर गहरा लाल रंग दिखे तो वहां जाने से पहले वैकल्पिक रास्ता देखना बेहतर होता है।
इस फीचर को ऑन करने के लिए फोन में गूगल मैप्स खोलकर स्क्रीन के ऊपर दाईं तरफ दिखने वाले लेयर्स आइकन पर टैप करना होता है, जो दो चौकोर बॉक्स जैसा दिखता है। इसके बाद Traffic विकल्प ऑन करने पर मैप पर सड़कों के ऊपर अलग-अलग रंगों की लाइनें दिखने लगती हैं।
अगर तय रास्ते पर लाल रंग की लाइन दिखे तो नेविगेशन शुरू करने के बाद गूगल मैप्स कई बार वैकल्पिक रास्ते भी दिखाता है, जो आमतौर पर हल्के ग्रे रंग में दिखाई देते हैं। इनमें से कम ट्रैफिक वाला रास्ता चुना जा सकता है।
मानसून में यह फीचर इसलिए जरूरी है क्योंकि सिर्फ ट्रैफिक ही समस्या नहीं होती, बल्कि जलभराव, पेड़ गिरने या वाहन खराब होने से भी कुछ ही मिनटों में जाम बढ़ सकता है। हाईवे, अंडरपास और निचले इलाकों में बारिश के दौरान पानी भरने की संभावना ज्यादा रहती है। इसलिए घर से निकलने से पहले पूरे रूट पर ट्रैफिक लेयर देखना और नेविगेशन शुरू करने के बाद भी अपडेटेड रूट पर ध्यान देना उपयोगी सलाह है।
यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।




