चेन्नई रेंज टेंडर विवाद: राष्ट्रीय शॉटगन कोच SAI जांच के घेरे में
चेन्नई में करीब 15-16 करोड़ रुपये की पांच शॉटगन शूटिंग रेंज के ठेके में कथित हितों के टकराव की शिकायत के बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) ने जांच शुरू की है, जबकि एनआरएआई ने कहा कि उसे इसकी कोई जानकारी नहीं।

चेन्नई में शूटिंग रेंज निर्माण के ठेके को लेकर कथित हितों के टकराव के आरोपों के बाद भारत के राष्ट्रीय शॉटगन कोच भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) की जांच के दायरे में आ गए हैं।
साइ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मुख्यालय को शिकायत मिली है और इसे जांच के लिए स्टेडिया डिवीजन तथा दिल्ली के क्षेत्रीय निदेशक को भेजा गया है। अधिकारी के मुताबिक शिकायत गुमनाम नहीं है, बल्कि नाम के साथ दर्ज कराई गई है, इसलिए सरकारी प्रक्रिया के तहत इसकी जांच की जाएगी।
ठेका किस बात का
पीटीआई से बातचीत में एक पूर्व निशानेबाज ने दावा किया कि विवाद चेन्नई में करीब 15-16 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली पांच शॉटगन शूटिंग रेंज के ठेके से जुड़ा है। आरोप है कि संबंधित राष्ट्रीय कोच ने भी इस परियोजना के लिए बोली लगाई थी। इसके बाद एक असफल बोलीदाता ने टेंडर प्रक्रिया को लेकर सतर्कता (विजिलेंस) विभाग में शिकायत दर्ज कराई।
सूत्रों का यह भी दावा है कि लंबित जांच को देखते हुए संबंधित कोच को 19 सितंबर से 4 अक्तूबर तक जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियन गेम्स के भारतीय कोचिंग दल में शामिल नहीं किया जा सकता।
एनआरएआई ने क्या कहा
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया (एनआरएआई) के महासचिव पवन कुमार सिंह ने यात्रा में होने का हवाला देते हुए टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। अध्यक्ष कालीकेश सिंह देव ने भी पीटीआई के सवालों का जवाब नहीं दिया।
संघ के आधिकारिक बयान में कहा गया कि उसे किसी भी कोच की निजी व्यावसायिक गतिविधियों या किसी सतर्कता जांच की जानकारी नहीं है। बयान के अनुसार, एशियन गेम्स की तैयारी के लिए प्रस्तावित कोचों की सूची को साइ से आंशिक मंजूरी मिली है और कुछ नाम इसमें शामिल नहीं किए गए हैं। इस पर साइ से आगे के निर्देशों का इंतजार है।
जिन राष्ट्रीय शॉटगन कोच पर आरोप लगे हैं, उन्होंने फोन कॉल का जवाब नहीं दिया।
एक और कोच जांच के दायरे में
भारतीय राइफल टीम के हाई परफॉर्मेंस कोच मनोज कुमार भी साइ की जांच का सामना कर रहे हैं। उन पर सरकारी स्वामित्व वाली डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में निजी कोचिंग चलाने और निजी सत्रों में शामिल न होने वाले निशानेबाजों के साथ कथित भेदभाव का आरोप है। सूत्रों के अनुसार, हाल ही में साइ मुख्यालय में सुनवाई हुई, जिसमें प्रभावित खिलाड़ियों और अभिभावकों की शिकायतें सुनी गईं। जांच जारी है।
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