मरवाही: सेमरदर्री स्वास्थ्य केंद्र के पास कचरे में मिलीं दवाइयां
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरदर्री के पास सड़क किनारे कचरे के ढेर में दवाइयां और मेडिकल वेस्ट पड़ा मिला, ग्रामीणों ने जांच की मांग की है।

छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के मरवाही विकासखंड स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरदर्री में स्वास्थ्य सेवाओं और मेडिकल वेस्ट के प्रबंधन में लापरवाही का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य केंद्र के पास सड़क किनारे कचरे के ढेर में दवाइयां और जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट खुले में पड़ा मिला।
स्थानीय लोगों ने इन दवाइयों की कीमत लाखों रुपये होने का अनुमान लगाया है। हालांकि इनकी वास्तविक कीमत और खुले में फेंके जाने का कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
स्कूलों के पास पड़ा कचरा
जिस जगह यह मेडिकल वेस्ट मिला है, उसके पास ही हाई स्कूल और हायर सेकेंडरी विद्यालय स्थित हैं, जहां विद्यार्थियों का नियमित आना-जाना होता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक खुले में पड़ी इन दवाइयों और मेडिकल वेस्ट से बच्चों सहित आम लोगों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है।
नियमों का उल्लंघन
मेडिकल वेस्ट को खुले में सड़क किनारे या कचरे के ढेर में फेंकना पर्यावरणीय नियमों का उल्लंघन है। स्वास्थ्य संस्थानों से निकलने वाले जैव-चिकित्सीय अपशिष्ट का निस्तारण निर्धारित प्रक्रियाओं और अधिकृत व्यवस्था के तहत ही किया जाना अनिवार्य है। खुले में फेंके गए इस कचरे से मिट्टी, जल और आसपास के वातावरण पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका जताई गई है।
डॉक्टरों की उपस्थिति पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि यह केंद्र क्षेत्र के लोगों के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा है, इसलिए चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की निर्धारित समय पर उपस्थिति सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनके मुताबिक समय पर चिकित्सा सुविधा न मिलने से मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी उठानी पड़ती है।
स्थानीय निवासियों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की गहन जांच कराने की मांग की है। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने, चिकित्सकों और कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच करने तथा सड़क किनारे पड़े मेडिकल वेस्ट के सुरक्षित निस्तारण की व्यवस्था करने का आग्रह किया है।
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