रायगढ़ गांजा तस्करी: मुख्य सप्लायर ओडिशा से गिरफ्तार
तमनार थाना क्षेत्र में 60 किलो गांजा पकड़े जाने के मामले में फरार चल रहे शंकर मेहर को पुलिस ने ओडिशा के बौद्ध जिले से पकड़ा, न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया।

छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में 60 किलो गांजा पकड़े जाने के मामले में पुलिस ने मुख्य सप्लायर को ओडिशा से गिरफ्तार किया है। मामला तमनार थाना क्षेत्र का है। इससे पहले पुलिस इसी मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जिनके पास से करीब 20 लाख रुपये की संपत्ति भी जब्त की गई थी।
पुलिस के मुताबिक, पहले पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि वे ओडिशा से गांजा लेकर आते थे। इसके बाद मोबाइल नंबरों की जांच से मुख्य सप्लायर की पहचान बौद्ध जिला (ओडिशा) निवासी शंकर मेहर के रूप में हुई।
मुखबिर की सूचना पर दबिश
पुलिस का कहना है कि गिरफ्तारी के डर से शंकर अपने घर से फरार हो गया था। तमनार पुलिस ने इलाके में कैंप लगाकर मुखबिरों को सक्रिय किया। सूचना मिली कि आरोपी अपने गांव गुण्डीपदर, थाना बाउन्सुनी, जिला बौद्ध (ओडिशा) में मौजूद है। इसके बाद तमनार पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से उसके घर दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
हर बार बदलता था नंबर और नाम
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में शंकर मेहर ने गांजा तस्करी में शामिल होने की बात स्वीकार की। वह हर बार अलग-अलग मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करता था, गांजा लेने वालों को हर बार अलग-अलग जगह बुलाकर सौदा करता था और अपनी पहचान भी अलग-अलग नामों से बताता था। पहले गिरफ्तार आरोपी सोहन लाल सिदार और विनोद प्रधान को उसने अपना नाम कमल मेहर बताया था।
गिरफ्तारी की जानकारी परिजनों को देने के बाद आरोपी को रायगढ़ लाया गया और अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
'पूरी सप्लाई चेन पर कार्रवाई'
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि पुलिस नशे के कारोबार के खिलाफ सिर्फ छोटे तस्करों पर कार्रवाई नहीं करेगी, बल्कि पूरे नेटवर्क और सप्लाई चेन का पता लगाकर मुख्य सप्लायर समेत सभी शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि अवैध नशे के कारोबार की सूचना पुलिस को दें, सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
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