पंजाब निकाय चुनाव: 1,896 वार्डों में मतदान, 35.45 लाख मतदाता
आठ नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 20 नगर पंचायतों के लिए मंगलवार सुबह 8 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू हुआ, कुल 7,555 उम्मीदवार मैदान में हैं।

पंजाब में स्थानीय निकाय चुनावों के लिए मंगलवार सुबह 8 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच मतदान शुरू हुआ। राज्य के 1,896 वार्डों में पार्षदों के चुनाव के लिए करीब 35.45 लाख मतदाता शाम 5 बजे तक मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। मतदान शुरू होने से पहले ही राज्यभर में मतदाता पोलिंग बूथों पर पहुंचने लगे थे।
राज्य चुनाव अधिकारी ने समाचार एजेंसी आईएएनएस को बताया कि मतदान प्रक्रिया शुरू होने में कहीं से भी देरी की कोई सूचना नहीं मिली है। राज्य निर्वाचन आयोग ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव के लिए करीब 32,000 पुलिसकर्मी और 35,000 चुनाव कर्मचारी तैनात किए हैं।
चुनाव आठ नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 20 नगर पंचायतों में हो रहे हैं। नगर निगम अबोहर, मोहाली, मोगा, बठिंडा, बरनाला, बटाला, कपूरथला और पठानकोट में हैं। मैदान में कुल 7,555 उम्मीदवार हैं — आम आदमी पार्टी के 1,801, कांग्रेस के 1,550, भाजपा के 1,316, शिरोमणि अकाली दल के 1,251 और बहुजन समाज पार्टी के 96। इसके अलावा 1,528 निर्दलीय और 13 अन्य उम्मीदवार भी हैं। मतदाताओं में 18,33,712 पुरुष, 17,11,635 महिलाएं और अन्य श्रेणी के 220 मतदाता शामिल हैं।
चुनाव से पहले पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने ईवीएम की जगह बैलेट पेपर से चुनाव कराने के आयोग के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका खारिज कर दी थी। मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की खंडपीठ ने कहा था कि ईवीएम-वीवीपैट से बैलेट पेपर पर जाने का फैसला बिना किसी कानूनी संशोधन, विधायी मंजूरी या सार्वजनिक चर्चा के प्रशासनिक आदेश के जरिए लिया गया।
पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने सरकार को चेताया कि चुनाव जीतने के लिए कोई अवैध तरीका न अपनाया जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि आप नेताओं के मतदान केंद्रों के दरवाजे बंद करने और बूथ कब्जाने जैसे बयान सरकार की बेचैनी दिखाते हैं। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रचार नहीं किया, लेकिन उनके मंत्रियों, सांसदों और विधायकों ने पार्टी उम्मीदवारों के लिए जोरदार प्रचार किया।
भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने आईएएनएस से कहा कि फरवरी 2021 के निकाय चुनावों की तुलना में पार्टी की स्थिति बदली है — तब कई जगह विरोध का सामना करना पड़ा था, जबकि इस बार बड़ी संख्या में लोग टिकट के लिए आगे आए। पार्टी का दावा है कि उसका जनाधार शहरी के साथ ग्रामीण पंजाब में भी बढ़ रहा है।
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