लोरमी से सैनिकों के लिए भेजे जाएंगे 30 हजार रक्षा सूत्र
मुंगेली जिले में 'ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र' अभियान के तहत छात्राओं और महिला समूहों ने करीब 20 हजार राखियां अपने हाथों से तैयार कीं, जिन्हें दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय भेजा जाएगा।

छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले की लोरमी विधानसभा में 'ऑपरेशन सिपाही रक्षा सूत्र' अभियान चलाया गया, जिसके तहत सीमा पर तैनात सैनिकों के लिए करीब 30 हजार हस्तनिर्मित राखियां भेजी जा रही हैं। अभियान का नेतृत्व लोरमी जनपद पंचायत अध्यक्ष वर्षा विक्रम सिंह ने किया।
अभियान में स्थानीय स्कूलों की छात्राओं और महिला समूहों ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया। आयोजकों के मुताबिक इन प्रतिभागियों ने अपने हाथों से करीब 20 हजार राखियां तैयार कीं। बहनों ने इन रक्षा सूत्रों पर जवानों के लिए संदेश भी लिखे हैं।
स्थानीय सामग्री से बनीं राखियां
आयोजकों का कहना है कि अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल राखियां भेजना नहीं, बल्कि सरहद पर तैनात सैनिकों को यह एहसास दिलाना है कि पूरा देश उनके साथ खड़ा है। बताया गया कि प्लास्टिक और चीनी सामग्री से बनी राखियों के बजाय स्थानीय सामग्री का उपयोग कर राखियां बनाई गई हैं।
सड़क मार्ग से दिल्ली भेजी जाएंगी
लोरमी के साथ-साथ पूरे मुंगेली जिले से लगभग 30 हजार रक्षा सूत्र सैनिकों के लिए भेजे जाने की बात कही गई है। इन सभी राखियों को सुरक्षित तरीके से पैक करके दिल्ली स्थित सेना मुख्यालय भेजा जाएगा।
पूर्व सैनिक महेंद्र सिंह राणा ने बताया कि इन राखियों में बहनों की भावनाएं हैं, जिन्हें लेकर वे सड़क मार्ग से दिल्ली सेना मुख्यालय जाएंगे।
जनपद अध्यक्ष वर्षा सिंह ने कहा कि क्षेत्र की महिलाओं और बहनों ने इस अभियान में बढ़-चढ़कर सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान लोरमी की बेटियों के हाथों से निकला वह प्रेम है, जो सीधे देश की सीमाओं पर तैनात जवानों तक पहुंचेगा।
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