कोरबा: कब्जामुक्त वन भूमि पर लगाए नीम-सागौन के पौधे
करतला वन परिक्षेत्र में वन महोत्सव पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधरोपण हुआ, ग्रामीणों को हाथियों से बचाव के उपाय भी बताए गए।

कोरबा वन मंडल के करतला वन परिक्षेत्र में वन महोत्सव के मौके पर पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत हाल ही में अतिक्रमण से मुक्त कराई गई वन भूमि पर बड़ी संख्या में पौधे लगाए गए।
कार्यक्रम में डीएफओ प्रेमलता यादव और उप वन मंडलाधिकारी (दक्षिण) सूर्यकांत सोनी के मार्गदर्शन में वन विभाग के कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए।
कब्जामुक्त जमीन पर पौधरोपण
वन विभाग के मुताबिक, करतला क्षेत्र में लंबे समय से वन भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायतें मिल रही थीं, जिन पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में कब्जामुक्त कराई गई जमीन को फिर से हरा-भरा बनाने के लिए वहां नीम, सागौन, करंज और कई तरह के फलदार पौधे लगाए गए।
अधिकारियों ने बताया कि इन पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी बीट गार्ड और स्थानीय ग्रामीणों को दी गई है। ग्रामीणों को वन बचाने और पर्यावरण संरक्षण के महत्व की जानकारी भी दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि जंगल सिर्फ पेड़ों का समूह नहीं है, बल्कि पर्यावरण और जैव विविधता के लिए बेहद जरूरी है। वन भूमि की सुरक्षा के लिए गश्त बढ़ाई गई है और ड्रोन जैसी आधुनिक तकनीक का भी इस्तेमाल किया जा रहा है।
हाथियों से बचाव के उपाय
कार्यक्रम में मानव-हाथी संघर्ष कम करने पर भी जोर दिया गया। करतला क्षेत्र हाथी प्रभावित है, इसलिए ग्रामीणों को बचाव के तरीके बताए गए। अधिकारियों ने कहा कि शाम के समय अकेले जंगल की ओर न जाएं, हाथियों का दल दिखने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें और उनके पास जाने की कोशिश न करें।
वन विभाग हाथियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए थर्मल ड्रोन कैमरों का इस्तेमाल कर रहा है। इससे हाथियों की लोकेशन और मूवमेंट की जानकारी मिल रही है, जिसके आधार पर समय रहते ग्रामीणों को अलर्ट किया जा रहा है।
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