बुधवार, 19 अगस्त 2026HI
भारत संस्करण
राजनीति

जस्टिस वर्मा पर महाभियोग: शीतकालीन सत्र में बढ़ेगी प्रक्रिया

संसदीय जांच समिति ने जस्टिस यशवंत वर्मा पर लगे तीनों आरोप सही पाए, अब सरकार शीतकालीन सत्र में महाभियोग प्रक्रिया आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है

जस्टिस वर्मा पर महाभियोग: शीतकालीन सत्र में बढ़ेगी प्रक्रिया
फोटो: A.Savin · FAL

केंद्र सरकार संसद के शीतकालीन सत्र में जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के प्रस्ताव पर विचार कर रही है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला द्वारा गठित तीन सदस्यीय जांच समिति ने बुधवार को संसद के दोनों सदनों में सौंपी अपनी रिपोर्ट में जस्टिस वर्मा पर लगे तीनों आरोप सही पाए हैं।

समिति के अनुसार जस्टिस वर्मा अपने सरकारी आवास के स्टोर रूम में मिली भारी मात्रा में बिना हिसाब-किताब वाली नकदी का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सके। समिति ने यह भी पाया कि कानूनी तौर पर सील और निरीक्षण से पहले सबूतों से छेड़छाड़ की गई, और उनका स्पष्टीकरण टालमटोल भरा तथा असंतोषजनक रहा।

यह जांच समिति उस समय गठित की गई थी जब करीब 200 सांसदों ने संसद में जस्टिस वर्मा को पद से हटाने की मांग की थी। इसके बाद जस्टिस वर्मा ने इस्तीफा दे दिया था, लेकिन कानून मंत्रालय ने अभी तक उनके इस्तीफे की अधिसूचना जारी नहीं की है और उनका नाम अब भी इलाहाबाद हाईकोर्ट के जजों की सूची में शामिल है।

सूत्रों के मुताबिक सरकार एक मिसाल कायम करना चाहती है कि गंभीर अनियमितताओं में शामिल होने के बाद कोई जज इस्तीफा देकर हटाने की प्रक्रिया से बच नहीं सकता।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष विकास सिंह ने कहा कि जस्टिस वर्मा का इस्तीफा स्वीकार न होना उचित है क्योंकि संविधान के तहत इस्तीफा राष्ट्रपति की स्वीकृति से ही प्रभावी होता है। उन्होंने कहा कि यदि वह अभी भी न्यायाधीश हैं तो महाभियोग की प्रक्रिया शुरू हो सकती है, और यह रिपोर्ट संसद में चर्चा व मतदान के लिए रखी जा सकती है। सिंह ने यह भी कहा कि इस्तीफा स्वीकृति पर उन्हें पेंशन का अधिकार मिल जाएगा जबकि महाभियोग होने पर वे यह अधिकार पूरी तरह खो देंगे।

14 मार्च 2025 की रात दिल्ली में जस्टिस वर्मा के सरकारी आवास में आग लगने के बाद दमकलकर्मियों को स्टोररूम में जले हुए नोट मिले थे, जिसके बाद उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट से इलाहाबाद हाईकोर्ट वापस भेजा गया था। इससे पहले तत्कालीन सीजेआई संजीव खन्ना ने भी इन-हाउस जांच शुरू की थी और जस्टिस वर्मा से इस्तीफा या महाभियोग का सामना करने को कहा था।

यह लेख हमारी संपादकीय नीति के अनुसार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की सहायता से तैयार किया गया है।

जस्टिस यशवंत वर्मामहाभियोगसंसद शीतकालीन सत्रदिल्ली हाईकोर्टइलाहाबाद हाईकोर्टसुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन
जस्टिस वर्मा पर महाभियोग: शीतकालीन सत्र में बढ़ेगी प्रक्रिया | Indian Dispatch