कांग्रेस बोली- वंदे मातरम् के दो अंतरे ही गाएगी पार्टी
CWC बैठक में तय हुआ कि पार्टी 1937 के फैसले के अनुसार वंदे मातरम् के केवल दो पैरा गाएगी, वेणुगोपाल ने कहा- बीजेपी के लिए यह राजनीतिक मुद्दा है
नई दिल्ली के इंदिरा भवन में बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक हुई, जिसकी अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की। बैठक में पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत 88 नेता शामिल हुए।
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने बताया कि पार्टी 1937 में हुई CWC बैठक के फैसले का पालन करेगी, जिसके तहत पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम् के केवल दो अंतरे गाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् और राष्ट्रगान कांग्रेस के लिए भावनात्मक मुद्दे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के लिए ये राजनीतिक मुद्दे हैं।
बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात के साथ छात्रों से जुड़े मुद्दों और राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित गड़बड़ी को लेकर केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति पर मंथन हुआ। वेणुगोपाल ने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ हुए आंदोलन और सरकार द्वारा उससे निपटने के तरीके पर भी चर्चा हुई। CWC ने माना कि संसद का मानसून सत्र विपक्ष के लिए सफल रहा और केंद्र सरकार बैकफुट पर रही।
वेणुगोपाल ने कहा कि राम मंदिर के लिए मिले चंदे में गड़बड़ी लोगों की भावनाओं से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी छात्रों की मांगें उठाते रहेंगे और इसके तहत देश के 800 शहरों में सभाएं की जाएंगी। खड़गे ने पार्टी के मुख्यमंत्रियों से शिक्षा विशेषज्ञों के साथ काम कर परीक्षा व्यवस्था में बदलाव का रोडमैप तैयार करने को कहा है।
बैठक में अरुणाचल प्रदेश में कथित 'चीनी घुसपैठ' के मुद्दे पर भी चर्चा हुई और पार्टी की चिंता रखी गई। कांग्रेस ने मांग की कि महिला आरक्षण लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों के आधार पर लागू किया जाए।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में मौजूद जयराम रमेश ने उत्तराखंड में खड़गे के कार्यक्रम के बाद हुए 'शुद्धिकरण' को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से देश से माफी मांगने की मांग की।
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